मथुरा में फरसा वाले बाबा की मौत के बाद बवाल, हाईवे जाम और पुलिस से झड़प

कोसीकलां में “फरसा वाले बाबा” उर्फ चंद्रशेखर की शनिवार सुबह करीब 4 बजे संदिग्ध हादसे में मौत हो गई, जब वे गौ-तस्करी की सूचना पर एक वाहन का पीछा कर रहे थे। नवीपुरा इलाके में एक वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों और गौ-रक्षकों में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने हाईवे जाम कर प्रदर्शन किया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प व पथराव भी हुआ। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और मामले की जांच जारी है।

मथुरा में फरसा वाले बाबा की मौत के बाद बवाल, हाईवे जाम और पुलिस से झड़प

फरसा वाले बाबा की पहचान गौ-तस्करी के खिलाफ मुखर रहने वाले व्यक्ति की थी।

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Highlights

  • कोसीकलां में फरसा वाले बाबा की संदिग्ध हादसे में मौत के बाद बृज क्षेत्र में भारी तनाव फैल गया।
  • गुस्साए लोगों ने हाईवे जाम किया, पुलिस पर पथराव हुआ और कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लेकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

मथुरा जिले के कोसीकलां में "फरसा वाले बाबा" की मौत के बाद पूरे बृजक्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है। शनिवार तड़के हुई इस घटना के बाद देखते ही देखते लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूंट पड़ा और मामला हिंसक प्रदर्शन में बदल गया। फरसा वाले बाबा का असली नाम चंद्रशेखर था। वे मथुरा और उसके आसपास के इलाकों में एक सक्रिय गौ-रक्षक संत थे। लोगों के बीच उनकी पहचान गौ-तस्करी के खिलाफ मुखर रहने वाले व्यक्ति की थी और इसके चलते उन्हें काफी समर्थन भी प्राप्त था। जानकारी के मुताबिक, शनिवार, 21 मार्च की सुबह 4 बजे उन्हें संदिग्ध वाहन से गौ-तस्करी की खबर मिली। इसके बाद वे बाइक से उस वाहन का पीछा करने निकले।

कोसीकलां के नवीपुरा इलाके में पीछा करने के दौरान एक वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी, जिसके कारण उनकी मौत हो गई। हालांकि इस घटना को लेकर अलग-अलग दावें भी सामने आ रहे हैं। कुछ लोग इसे जानबूझकर की गई हत्या बता रहे है, वहीं पुलिस इस मामले की जांच हादसे के एंगल से भी कर रही है और कोहरे जैसी परिस्थितियों को भी कारण मान रही है। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग और गौ-रक्षक सड़कों पर उतर आए। उन्होंने दिल्ली-मथुरा हाईवे पर आरोपियों के खिलाफ एनकाउंटर की मांग करते हुए ट्रैफिक जाम कर दिया। जब पुलिस नाकाबंदी हटाने के लिए मौके पर पहुंची, तो प्रदर्शनकारियों ने उन्हें खदेड़ दिया और पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।

फिलहाल इलाके में भारी सुरक्षाबल तैनात कर दिया गया है और पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि पुलिस को स्थिति काबू में करने के लिए लाठीचार्ज का प्रयोग करना पड़ा। इस पूरी घटना पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संज्ञान ले चुके हैं। उन्होंने सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। ताजा जानकारी के मुताबिक, अजनोख गांव की गौशाला में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

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