भारत का एक बहुत ही खास हिंदू त्योहार, रक्षाबंधन, बस आने ही वाला है। इस मौके पर, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं को एक खास तोहफा दिया है। आज राजधानी लखनऊ में, उन्होंने लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा का शुभारंभ किया, जिसके अंतर्गत प्रदेश की 60 वर्ष एवं उससे अधिक आयु की माताओं-बहनों को निःशुल्क बस यात्रा की सुविधा मिलेगी। उन्होंने विशेष बसों को फ्लैग-ऑफ भी किया।
इसकी कुछ तस्वीरें X पर शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, "आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के यशस्वी मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार की हर योजना, हर निर्णय और हर बजट नारी की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए समर्पित है। इसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए आज लखनऊ में प्रदेश की 60 वर्ष एवं उससे अधिक आयु की माताओं-बहनों को निःशुल्क बस यात्रा की सुविधा प्रदान करने वाली लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना का शुभारंभ कर विशेष बसों को फ्लैग-ऑफ किया। साथ ही, रक्षाबंधन के पावन पर्व पर 3 दिनों तक उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की सभी बसों में माताओं, बहनों एवं बेटियों को एक सहयात्री सहित निःशुल्क यात्रा की सुविधा उपलब्ध रहेगी। समस्त मातृशक्ति को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।"
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे, जिनमें परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह, उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद बृज लाल, लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल, लखनऊ पूर्व के विधायक ओ.पी. श्रीवास्तव और लखनऊ उत्तर के विधायक नीरज बोरा शामिल थे। मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम को संबोधित भी किया। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि काशी में काशी विश्वनाथ मंदिर हो या सोमनाथ मंदिर, देश के अंदर सैंकड़ों ऐसे मंदिर हैं, जिन्हें विदेशी आक्रांताओं द्वारा तोड़ा या क्षतिग्रस्त किया गया था।
उन मंदिरों के पुनरूद्धार का काम किसी ने किया था, तो उस समय लोकमाता महारानी अहिल्याबाई होलकर ने किया था। मुझे बताते हुए प्रसन्नता होती है कि जब भी हम महिला स्वावलंबन की बात करते हैं, तो हम सब लोकमाता अहिल्याबाई होलकर का नाम बड़ी श्रद्धा और सम्मान के साथ स्मरण करते हैं। योगी आदित्यनाथ ने बताया कि लखनऊ, कानपुर, आगरा, गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, प्रयागराज, अयोध्या, गोरखपुर, काशी और झांसी, इन सभी स्थानों पर लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के नाम पर कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास का निर्माण किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने लगभग 9-10 साल पहले के समय का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले एक ऐसा दौर था जब हर बेटी, बहन और माँ की जुबान पर यह नारा होता था, "देख सपाई बिटिया घबराई।" योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व और उत्तर प्रदेश में डबल-इंजन सरकार के आने के बाद, वह उपद्रव अब उत्सव में बदल गया है। उत्तर प्रदेश दंगों और अराजकता से मुक्त होकर स्वस्थ और समृद्ध बन गया है। अब, हर योजना का केंद्र-बिंदु बेटी है।
हमारा मुख्य संकल्प उत्तर प्रदेश की बेटियों को भय-मुक्त माहौल देना और उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के हर अवसर प्रदान करना था। आज हमारे पास मिशन शक्ति केंद्र, हर शहर में AI-आधारित सेफ सिटी नेटवर्क और इंटीग्रेटेड रिस्पॉन्स सिस्टम हैं। हमने तीन महिला पुलिस बटालियन स्थापित की हैं। आज पिंक बूथ और वन-स्टॉप सेंटर की व्यवस्था भी की गई है। पहले, बेटी की सुरक्षा किस्मत पर निर्भर करती थी। आज, सिस्टम डेटा और तकनीक पर निर्भर करती है। हमारा लक्ष्य केवल बेटी के घर पहुँचने के बाद उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना नहीं है। हमारा उद्देश्य यह है कि वह घर से बाहर निकले, काम करे और रात में सुरक्षित घर लौटे और अपने अधिकारों का उपयोग करे।