बिहार की राजनीति से एक बड़ी अहम खबर सामने आई है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ही बिहार के अगले और राज्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पहले मुख्यमंत्री होंगे। BJP विधायक दल की बैठक में बिहार के पर्यवेक्षक और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विधायक दल के नेता के तौर पर उनके नाम का ऐलान किया। बिहार के दूसरे उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सम्राट के नाम का प्रस्ताव रखा। इससे पूर्व बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने पटना के लोक भवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (रिटायर्ड) को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। नीतीश 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ले चुके हैं।
पूर्व उपमुख्यमंत्री रेणु देवी, मंगल पांडे और डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल जैसे कई नेताओं ने उनके नाम का समर्थन किया। सम्राट चौधरी कल सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। BJP में शामिल होने से पहले वो राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और जनता दल यूनाइटेड (JDU) में भी रह चुके हैं। सम्राट वर्तमान में तारापुर सीट से विधायक हैं। वो अतीत में परबत्ता सीट से भी दो बार विधायक रह चुके हैं। नवंबर 2025 में मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण के समय से गृह मंत्रालय उन्हीं के पास था और तब से ये अटकलें लगाई जा रही थी कि उनका प्रमोशन हो सकता है। इसके अलावा सम्राट वित्त मंत्रालय, खेल मंत्रालय और पंचायत राज मंत्रालय भी संभाल चुके हैं।
इस अवसर पर सम्राट ने सोशल मीडिया पर आभार जताते हुए लिखा, "भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा मुझ पर विश्वास जताते हुए भाजपा बिहार विधानमंडल दल के नेता का दायित्व सौंपने पर हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। यह मेरे लिए केवल एक पद नहीं, बल्कि बिहार की जनता की सेवा, उनके विश्वास और सपनों को साकार करने का एक पवित्र अवसर है। मैं पूर्ण निष्ठा, समर्पण और ईमानदारी के साथ जन-जन की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का संकल्प लेता हूँ। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व एवं माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नबीन जी के मार्गदर्शन में बिहार को विकास, सुशासन और समृद्धि के नए आयामों तक ले जाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहूँगा। आप सभी का स्नेह, आशीर्वाद और सहयोग ही मेरी सबसे बड़ी शक्ति है। जय बिहार, जय भारत!"
रिपोर्ट्स की मानें तो, कल विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव बिहार के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। दोनों ही JDU से ताल्लुक रखते हैं और काफी अनुभवी नेता हैं। विजय कुमार चौधरी 1981 से 1995 तक दलसिंहसराय और फिर 2010 से सरायरंजन सीट से विधायक हैं। उन्होंने JDU प्रदेश अध्यक्ष और विधानसभा स्पीकर के रूप में भी कार्य किया है। इसके अलावा उन्होंने शिक्षा, वित्त, कृषि, ग्रामीण विकास और सूचना एवं जनसंपर्क मंत्रालय जैसे अहम मंत्रालयों की भी जिम्मेदारी संभाली है। फिलहाल वो जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री के तौर पर भी काम कर रहे थे।
बात करें बिजेंद्र प्रसाद यादव की तो, वे 1990 से सुपौल सीट से विधायक है। नीतीश कुमार की कैबिनेट में उन्होंने भी कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली है। अतीत में बिजेंद्र परिवहन, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, आबकारी और पंजीकरण और वाणिज्यिक कर जैसे अहम मंत्रालयों को संभाल चुके हैं। वर्तमान में वे वित्त, ऊर्जा तथा योजना और विकास मंत्री के रूप में काम कर रहे थे। विजय और बिजेंद्र, दोनों को नीतीश कुमार को करीबी और भरोसेमंद माना जाता है। उल्लेख करें नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का, तो वे फिलहाल शपथ नहीं लेंगे। सूत्रों का कहना है कि वे अगले 6 महीनों तक कोई पद ग्रहण नहीं करेंगे।