पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों को अब एक महीना से भी कम का समय बचा है। भाजपा और तृणमूल कांग्रेस दोनों ही पार्टियां चुनाव प्रचारों में जुटी हुई हैं और एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इसी सिलसिले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ 15 वर्षों की एक चार्जशीट जारी की। इस चार्जशीट को जारी करते हुए उन्होंने कहा कि पूरे देश की सुरक्षा बंगाल चुनावों के नतीजों से अटूट रूप से जुड़ी हुई है। केवल एक ही रास्ता बचा है, जिसके जरिए घुसपैठिए देश में प्रवेश करते हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है। इसलिए ये चुनाव कई मायनों में बंगाल के लिए महत्वपूर्ण हैं।
गृह मंत्री शाह ने मुख्यमंत्री बनर्जी पर हमला बोलते हुए कहा कि ये चार्जशीट पिछले 15 वर्षों में तृणमूल कांग्रेस (TMC) द्वारा किए गए काले कारनामों का संकलन है। ये एक ऐसे शासक की कहानी है, जिसने "सोनार बांग्ला" का वादा करने की आड़ में "सिंडिकेट राज" स्थापित किया और राज्य की जनता का शोषण किया। ऊपर से नीचे तक वाइट कॉलर अपराधी सिंडिकेट जनता को परेशान कर रहे हैं। बंगाल अब ऐसी जगह बन गया है, जहां घुसपैठियों को सक्रिय रूप से संरक्षण दिया जाता है। सरकार ने राजनीतिक तुष्टिकरण को ही अपना मुख्य उद्देश्य बना लिया है। कई वर्षों तक कम्युनिस्ट शासन के कहर को झेलने के बाद बंगाल की जनता ने सोनार बांग्ला के सपने से प्रेरित होकर बदलाव के लिए वोट किया था। आज वहीं लोग कह रहे हैं कि कम्युनिस्ट इससे बेहतर थे।
अमित शाह ने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि वो हमेशा विक्टिम कार्ड की राजनीति खेलती हैं। वो कभी वह अपना पैर तुड़वा लेती हैं, तो कभी सिर पर पट्टी बंधवा लेती हैं, कभी बीमार पड़ जाती हैं और फिर चुनाव आयोग के सामने जाकर बेबसी का नाटक करते हुए उस संस्था पर ही गालियां बरसाती हैं। लेकिन मैं उन्हें यह बताने आया हूँ कि बंगाल की जनता अब इस विक्टिम कार्ड की राजनीति को अच्छी तरह समझ चुकी है। गृह मंत्री शाह ने कहा कि इस चार्जशीट में हमने घुसपैठियों की समस्या को पूरी तरह से उजागर किया है। यह न केवल देश की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है, बल्कि वे हमारे गरीब मजदूरों की मजदूरी पर भी अतिक्रमण करते हैं। मैं ममता बनर्जी से पूछना चाहता हूँ, आज इतने सारे घुसपैठिए आ गए हैं, क्या आपकी सरकार सो रही है? आपके पास बहुत कम समय है, 6 मई को BJP की सरकार बनेगी और 45 दिनों के भीतर, बंगाल में BJP सरकार बाड़ लगाने से संबंधित सभी सहायता प्रदान करेगी और हम घुसपैठ को रोक देंगे।
भर्तियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "जहाँ तक भर्ती की बात है, हम बंगाल में एक पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया शुरू करेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यह प्रक्रिया किसी भी तरह के भ्रष्टाचार से पूरी तरह मुक्त रहे। असम में, हमने 1 लाख सरकारी नौकरियाँ देने का वादा किया था। हमने असम में 1 लाख 50 हजार युवाओं को रोजगार देने का काम सफलतापूर्वक और किसी भ्रष्टाचार के आरोप के बिना पूरा किया है। भर्ती में हुए कई घोटालों के कारण, कई युवा उम्मीदवारों की भर्ती के लिए तय उम्र सीमा निकल चुकी है। हम उन युवाओं को एक नया मौका देने के लिए पाँच साल की उम्र में छूट देंगे, जो SSC घोटाले के कारण अपना मौका गँवा बैठे थे। इसके अलावा, हम यह भर्ती पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से करेंगे।"