केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज गुजरात की राजधानी और अपने लोकसभा क्षेत्र गांधीनगर में थे। वहां उन्होंने कलोल में निर्मित नए ग्राम पंचायत कार्यालय भवन और नए मोतीभोयन प्राथमिक विद्यालय का लोकार्पण किया, वडसर गांव में टोयोटा किर्लोस्कर कंपनी द्वारा निर्मित एक आधुनिक पुस्तकालय का उद्घाटन और खतराज गांव में एक झील के सौंदर्यीकरण की आधारशिला रखी। इसके पश्चात उन्होंने एक जनसभा को भी संबोधित किया। इस दौरान उनके साथ मंच पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल समेत कई अन्य लोग भी उपस्थित थे।
आज महान स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर की जयंती है। अपने संबोधन में वीर सावरकर को याद करते हुए उन्होंने कहा कि सावरकर जी एक ऐसे राष्ट्रभक्त थे, जिन्हें किसी सरकारी सम्मान की आवश्यकता नहीं थी। पूरे देश में, उन्हें केवल विनायक दामोदर सावरकर के रूप में ही याद नहीं किया जाता भारत का हर बच्चा उन्हें वीर सावरकर के नाम से जानता है। उन्होंने अपना पूरा जीवन भारत माता को आजाद कराने के लिए समर्पित कर दिया। आजादी के आंदोलन के दौरान, वे एकमात्र ऐसे नेता थे जिन्हें अपने जीवनकाल में दो बार आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।
गृह मंत्री शाह ने आगे बताया कि वीर सावरकर ने अस्पृश्यता के खिलाफ भी ढेर सारा काम किया। हमारी भाषाओं को संपूर्ण बनाने तथा भाषाओं का महिमामंडन करने का काम भी वीर सावरकर ने किया। उन्होंने पतित पावन मंदिर की भी स्थापना की, जिसका निर्माण उस समय दलित समाज के लिए किया गया था और उन्होंने दलितों के लिए मंदिरों के द्वार खोलने की दिशा में भी काम किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकास की जो यात्रा गुजरात से शुरू की और आज उनकी सरकार ने 12 साल पूरे कर लिए हैं। इन 12 सालों में, उन्होंने गुजरात के विकास मॉडल को कश्मीर से कन्याकुमारी तक और गंगासागर से सोमनाथ तक फैलाने का काम किया है। इसका नतीजा आज दिखाई दे रहा है। भारतीय जनता पार्टी अब देश के लगभग 80% भू-भाग पर शासन कर रही है।
हाल ही में बंगाल में भी चुनाव हुए थे और वहां दीदी का सूपड़ा साफ हो गया। गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर हो रहे काम का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया, "चुनाव के दौरान हमने कहा था कि अगर हमें शासन की जिम्मेदारी सौंपी जाती है, तो बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग का काम कुछ ही दिनों में शुरू कर दिया जाएगा। मैं पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को बधाई देना चाहता हूँ, जिन्होंने सिर्फ सात दिनों के भीतर BSF को 600 हेक्टेयर जमीन सौंपने का काम किया।"
उन्होंने आगे बताया कि चिकन नेक कॉरिडोर में 121 हेक्टेयर भूमि भी भारत सरकार को सौंप दी गई है। आज हम अखबारों में देख रहे हैं कि पहले, ममता बनर्जी के शासन के दौरान, हर दिन घुसपैठ होती थी, लेकिन अब घुसपैठिए खुद ही अपनी मर्जी से वापस जाने लगे हैं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और बंगाल सरकार ने डिटेंशन सेंटर बनाए हैं। हालाँकि, हम सभी चाहते हैं कि जो लोग गलत तरीके से दाखिल हुए हैं, वे अपनी मर्जी से वापस लौट जाएं। अगर वे खुद लौट जाते हैं, तो बंगाल सरकार उनके खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं करेगी और उन्हें जाने में सहायता भी करेगी। मुझे उम्मीद है कि पहचान अभियान शुरू होने से पहले ही, बहुत से लोग खुद ही चले जाएँगे। हमारी सरकार का संकल्प है कि देशभर से एक-एक घुसपैठी को चुन-चुनकर बाहर निकालना है।
गृह मंत्री ने आगे बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने डेमोग्राफिक चेंज कमीशन बनाने का फैसला किया है। यह हाई-पावर्ड कमेटी पूरे देश में हो रहे कृत्रिम जनसांख्यिकीय परिवर्तनों के कारणों की जांच करेगी और साथ ही इसके संभावित समाधानों पर भी विचार करेगी। यह इस बात का भी आकलन करेगी कि क्या इस मुद्दे से निपटने के लिए किसी कानून की आवश्यकता है। डेमोग्राफिक चेंज कमीशन एक वर्ष के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी और कृत्रिम डेमोग्राफिक चेंज को रोकने के प्रयास किए जाएंगे।