आज राजधानी दिल्ली में इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस (INDIA) की 7वीं बैठक हुई। इस बैठक में कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के बड़े नेता नजर आए। इनमें मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, उमर अब्दुल्ला, सुप्रिया सुळे, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव समेत कई अन्य लोग भी शामिल हुए। पश्चिम बंगाल चुनावों में मिली जबरदस्त हार के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी भी इस बैठक में शामिल हुए। बताया जा रहा है कि हेमंत सोरेन और उद्धव ठाकरे भी ऑनलाइन इस मीटिंग से जुड़े थे। हालांकि तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल यहां से गायब रहे।
इस बैठक के बाद सभी दलों ने मिलकर एक जॉइंट प्रेस वार्ता भी की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने वहां उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि INDIA गठबंधन की बैठक खत्म हुई, जिसमें 25 दलों ने हिस्सा लिया था। यहां सभी ने अपनी-अपनी राय रखी और बाद में हम पांच मुद्दों पर सहमत हुए। हमने तय किया कि हम इन मुद्दों के लिए लड़ेंगे, उन पर काम करेंगे और आगे बढ़ेंगे। उन्होंने आगे बताया कि SIR, वोटों की लूट और चुनाव में धांधली के मुद्दे पर भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजने पर सहमति बनी है। यह पत्र जल्द ही भारत के मुख्य न्यायाधीश को सौंपा जाएगा।
दूसरी बात, शिक्षा मंत्री के तुरंत इस्तीफे की मांग करने पर सर्वसम्मति से सहमति बनी, क्योंकि NEET और CBSE परीक्षाओं में शामिल होने वाले लाखों युवाओं के साथ हुए धोखे के समय वे ही पद पर थे। खरगे ने आगे कहा कि केंद्र सरकार को मौजूदा नाजुक आर्थिक स्थिति, बेरोजगारी, महंगाई, किसानों के मुद्दों और लोगों से जुड़े अन्य मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तुरंत सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए। इस बात पर सहमति बनी कि सभी पार्टियां हर दो महीने में बैठक करेंगी। मॉनसून सत्र के दौरान संसद में कामकाज के तालमेल के लिए विपक्ष के नेता के कार्यालय में हर सुबह बैठकें होंगी। जानकारी के मुताबिक, अब INDIA गठबंधन की अगली बैठक अगस्त में हैदराबाद में होगी।