भारत-जापान शिखर सम्मेलन: AI, रक्षा और निवेश में नई साझेदारी, प्रधानमंत्री मोदी ने ताकाइची को बताया छोटी बहन

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज के अनिश्चितता के दौर में, भारत और जापान दोनों, इकोनॉमिक और एनर्जी सिक्योरिटी का महत्व अच्छी तरह से समझते हैं। इसी दिशा में, हमने आज इकोनॉमिक सिक्योरिटी के लिए एक जॉइंट रोडमैप तैयार किया है। इसके जरिए हम सेमीकंडक्टर, क्वांटम और एडवांस्ड मटीरियल जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सप्लाई चेन को मजबूत करेंगे।

भारत-जापान शिखर सम्मेलन: AI, रक्षा और निवेश में नई साझेदारी, प्रधानमंत्री मोदी ने ताकाइची को बताया छोटी बहन

प्रधानमंत्री मोदी ने साने ताकाइची का भारत में स्वागत करते हुए जाहिर कीखुशी ।

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Highlights

  • प्रधानमंत्री मोदी ने कहा की एक फ्री, प्रॉस्परस और रूल्स बेस्ड इंडो-पैसिफिक दोनों देशों की साझा प्राथमिकता है।
  • उन्होंने बताया की हमारा उद्देश्य साफ है, जापान से भारत में 10 ट्रिलियन येन का निवेश लाना।
  • प्रधानमंत्री मोदी ने कहा की आज हमने भारत-जापान नेक्स्ट-जेनरेशन मोबिलिटी पार्टनरशिप फ्रेमवर्क स्थापित किया है।

जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची 1 से 3 जुलाई तक भारत के दौरे पर हैं। आज उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत की। दोनों देशों के बीच कई समझौतों (MoUs) पर भी हस्ताक्षर किए गए। इसके बाद, दोनों नेताओं ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी ने ताकाइची को अपनी छोटी बहन बताया। उन्होंने भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री ताकाइची का भारत में स्वागत करते हुए खुशी जाहिर की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ताकाइची न सिर्फ जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं, बल्कि वह नारा प्रीफेक्चर से भी आती हैं, जो भारत-जापान की साझा बौद्ध विरासत का एक महत्वपूर्ण केंद्र है।

उन्होंने कहा कि आज भारत और जापान, दोनों ही दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हैं। एक फ्री, प्रॉस्परस और रूल्स बेस्ड इंडो-पैसिफिक हमारी साझा प्राथमिकता है। इस क्षेत्र की सबसे बड़ी डेमोक्रेटिक और मार्केट इकोनॉमीज होने के नाते, हमने आज कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। ये मिलकर पूरे क्षेत्र में शांति, स्थिरता और तरक्की का मार्ग प्रशस्त करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मेरा और प्रधानमंत्री ताकाइची का विश्वास है कि टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप हमारे सहयोग का एक मजबूत स्तंभ बनेगी। इसी विजन को साकार करने के लिए हमनें आज AI के क्षेत्र में भी एक जॉइंट स्टेटमेंट जारी किया है। भारतीय AI इकोसिस्टम के कई प्रमुख संस्थानों ने आज अपने जापानी पार्टनर्स के साथ समझौते भी किए हैं। 

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि जापान की प्रिसिजन टेक्नोलॉजी और भारत की सॉफ्टवेयर क्षमताओं का संगम वैश्विक AI विकास को नई गति और शक्ति देगा। डिफेंस सेक्टर में, हमने आज भारत और जापान के बीच पहले को-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर समझौता किया है। नेवल रेडियो एंटीना 'यूनिकॉर्न' से जुड़ा यह प्रोजेक्ट हमारी डिफेंस टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप में एक नया अध्याय खोलेगा। हम अब मिलकर ऐसी डिफेंस टेक्नोलॉजी विकसित करेंगे जो क्षेत्रीय शांति, समुद्री सुरक्षा और नियमों पर आधारित व्यवस्था को मजबूत करेंगी। फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइस और बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्रों में आज किए गए समझौतों के माध्यम से, हम ग्लोबल हेल्थ सिक्योरिटी में भी योगदान देंगे। भारत के पैमाने और जापान की क्वालिटी को मिलाकर, हम दुनिया को किफायती, भरोसेमंद और एडवांस्ड हेल्थ सॉल्यूशन देने की दिशा में काम करेंगे।

उन्होंने आगे बताया कि भारत-जापान इन्वेस्टमेंट पार्टनरशिप लगातार मजबूत हो रही है। पिछले साल के दौरान, लगभग 120 नए बिजनेस एग्रीमेंट्स हुए हैं, जिनसे भारत में 10 बिलियन डॉलर से अधिक जापानी इन्वेस्टमेंट आएगा। फाइनेंशियल सर्विस एजेंसियों के बीच आज हुए समझौते से कैपिटल और इन्वेस्टमेंट फ्लो और आसान होगा। हमारा लक्ष्य स्पष्ट है: जापान से भारत में 10 ट्रिलियन येन का इन्वेस्टमेंट और अगले दशक में भारत में काम कर रही जापानी कंपनियों की संख्या को दोगुना करना। भारत में लगातार हो रहे रिफॉर्म्स से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बढ़ा है, जिसका लाभ जापानी कंपनियां भी उठा सकती हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज के अनिश्चितता के दौर में, भारत और जापान दोनों, इकोनॉमिक और एनर्जी सिक्योरिटी का महत्व अच्छी तरह से समझते हैं। इसी दिशा में, हमने आज इकोनॉमिक सिक्योरिटी के लिए एक जॉइंट रोडमैप तैयार किया है। इसके जरिए हम सेमीकंडक्टर, क्वांटम और एडवांस्ड मटीरियल जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सप्लाई चेन को मजबूत करेंगे। हमने एनर्जी सिक्योरिटी को लेकर भी कई अहम फैसले लिए हैं। 'भारत-जापान बायोगैस इनिशिएटिव के माध्यम से हमें पूरे भारत में 1000 बायोगैस और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर प्लांट लगाने में मदद मिलेगी। इससे हमारी 'गोबरधन' पहल और मजबूत होगी और भारत के गांवों में सस्टेनेबिलिटी, प्रोस्पेरिटी और रूरल लाइवलीहुड को नई शक्ति मिलेगी।

उन्होंने अंत में कहा कि ऑयल शॉक जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए एनर्जी रेजिलिएंस की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल भी शुरू की है। साथ ही बैटरी, ग्रीन हाइड्रोजन और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में हमारा सहयोग दुनिया के स्वच्छ ऊर्जा वाले भविष्य में बड़ा योगदान देगा। भारत और जापान इकोनॉमिक सिक्योरिटी को शेयर्ड सिक्योरिटी और एनर्जी ट्रांजिशन को शेयर्ड ऑपोर्चुनिटी के तौर पर देखते हैं। हम मिलकर इस एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आज हमने 'भारत-जापान नेक्स्ट-जेनरेशन मोबिलिटी पार्टनरशिप फ्रेमवर्क' भी स्थापित किया है।

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