पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर का कलह अब दिल्ली में भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) तक पहुंच गया है। बागी गुट के नेता और विधानसभा में 'लीडर ऑफ द ऑपोजिशन' ऋतब्रत बनर्जी आज मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ निर्वाचन आयोग की पूर्ण बेंच से मिलने वाले हैं। बनर्जी के साथ 10 सदस्यों का एक डेलीगेशन भी दिल्ली पहुंचा है। इसमें उनके अलावा बागी गुट के अध्यक्ष अरूप रॉय, संदीपन साहा, अखरूज्जमान, सुभाशीष चक्रवर्ती और जावेद अहमद खान जैसे नेता भी शामिल होंगे।
दिल्ली पहुंचने पर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया कि, 22 जून को TMC ने कोलकाता में एक डेलीगेट सेशन आयोजित किया था। उस सेशन के दौरान, हमारे नए चेयरपर्सन और डिप्टी चेयरपर्सन चुने गए और पूरी नेशनल वर्किंग कमिटी (NWC) का गठन किया गया। उस सेशन के बाद, हमने औपचारिक रूप से चुनाव आयोग को सूचित किया। हमने यहाँ और बंगाल में जानकारी जमा की।
हमने ECI की पूरी बेंच, मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य आयुक्तों, के साथ बैठक का भी अनुरोध किया। मैं ECI को अपॉइंटमेंट देने के लिए धन्यवाद देता हूँ। 10 लोगों के प्रतिनिधिमंडल की अनुमति है। इसलिए, हमारी पार्टी के चेयरपर्सन और डिप्टी चेयरपर्सन के नेतृत्व में, हम 10 लोगों का एक समूह यहाँ आया है। हम चर्चा के लिए चुनाव आयोग जाएँगे।
एक अन्य घटनाक्रम में, ममता गुट की नेता और कृष्णानगर से लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा पर भी कल अंडे फेंके गए। उन्होंने X पर कई वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि, "जरा देखिए कि भारत के बंगाल राज्य में पुलिस कैसे सिर्फ तमाशबीन बनी रही, जब प्रधानमंत्री मोदी की सत्ताधारी पार्टी BJP के गुंडों की भीड़ ने विपक्ष की एक सांसद के घर पर हमला किया और उन्हें चार घंटे तक बंधक बनाए रखा।"
विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद से कई ऐसी घटनाएं हुई हैं जिनमें अलग-अलग नेताओं पर अंडे, टमाटर और जूते फेंके गए। इनमें अभिषेक बनर्जी, कुणाल घोष, मदन मित्रा, सुजॉय हाजरा, बाप्पादित्य दासगुप्ता, मोहम्मद जसीमुद्दीन, उज्ज्वल बिस्वास और सौगत रॉय जैसे नेता शामिल हैं। अब इस लिस्ट में महुआ मोइत्रा का नाम भी जुड़ गया है। उन पर अंडे फेंके जाने की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए ऋतब्रत ने कहा कि महुआ बहुत ज्यादा नौटंकी करती हैं। उनके बारे में जितना कम कहा जाए, उतना ही अच्छा है। हर कोई जानता है कि उन्हें संसद से क्यों निष्कासित किया गया था।
महुआ पर अंडा फेंके जाने की घटना पर राज्य सरकार के मंत्री डॉ. शरदवत मुखर्जी ने कहा, "अच्छा हुआ कि उन्होंने सिर्फ अंडा फेंका। जरा सोचिए, अगर कुछ और फेंका जाता तो क्या होता? क्या चोरों पर फूल बरसाए जाने चाहिए थे? चोर को चोर ही कहा जाना चाहिए। यह काम नागरिक ही कर रहे हैं। ऐसा नहीं है कि कोई भी आकर ऐसा कर गया। दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के अध्यक्ष वहां गए थे और उन पर पत्थर फेंके गए थे। हम यह नहीं भूले हैं कि डायमंड हार्बर में ऐसा हुआ था।"