वैश्विक संकटों के बीच भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.8%, प्रधानमंत्री मोदी ने दिया आत्मनिर्भरता और स्वदेशी का मंत्र

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि दुनिया युद्ध में डूबी हुई है और चारों तरफ युद्ध की खबरें आ रही हैं। विश्व संकटों से घिरा हुआ है और सप्लाई चेन पूरी तरह से डिस्टर्ब है। वर्ष 2020 में कोविड काल से लेकर अब तक कहीं भी स्थिरता नजर नहीं आ रही है, उसके बावजूद भी भारत तेज गति से प्रगति कर रहा है।

वैश्विक संकटों के बीच भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.8%, प्रधानमंत्री मोदी ने दिया आत्मनिर्भरता और स्वदेशी का मंत्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता जताई और देशवासियों को बधाई दी।

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Highlights

  • प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को उनकी संकल्प शक्ति और उनके पुरुषार्थ के लिए दी बधाई।
  • प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार विवाह विदेशों के बजाय भारत में ही करना चाहिए और वेड इन इंडिया के मंत्र को जीना चाहिए।
  • प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास जताया है की आजादी के 100 साल पूरे होने पर हम अपनी युवा पीढ़ी को एक विकसित भारत सौंपेंगे।

भारत के लिए खुशखबरी है। वर्ष 2026-27 के वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी (GDP) वृद्धि दर 7.8% रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पर अपनी प्रसन्नता जताई है और देशवासियों को बधाई दी है। अपने वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा, "7.8% ग्रोथ। देश खुशियों से भर गया है। मैं देशवासियों को उनकी संकल्प शक्ति और उनके पुरुषार्थ के लिए बधाई देता हूँ। यह हमारी सामूहिक शक्ति का एक प्रतिबिंब है।" प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि दुनिया युद्ध में डूबी हुई है और चारों तरफ युद्ध की खबरें आ रही हैं। विश्व संकटों से घिरा हुआ है और सप्लाई चेन पूरी तरह से डिस्टर्ब है। वर्ष 2020 में कोविड काल से लेकर अब तक कहीं भी स्थिरता नजर नहीं आ रही है, उसके बावजूद भी भारत तेज गति से प्रगति कर रहा है।

दूसरी तरफ भारत के भीतर भी निराशा की गर्त में डूबे हुए लोग, झूठ की गूँज और निराशा फैलाने में लगे हुए हैं। इन सारी चीजों को पार करते हुए, उन सभी बातों को चीरते हुए देश ने 7.8% ग्रोथ हासिल की है। हमें इस गति को बनाए रखना है। हमें बढ़ना भी है और इसके लिए 'आत्मनिर्भर भारत' बनना बहुत जरूरी है। स्वदेशी का मंत्र, वोकल फॉर लोकल, विदेशों की यात्राएं, अगर घूमने-फिरने जाते हैं तो नहीं जाना चाहिए। शादी-विवाह विदेशों में करते हैं, तो नहीं करना चाहिए, बल्कि 'वेड इन इंडिया' के मंत्र को जीना चाहिए। जरूरत न हो तो सोना भी नहीं खरीदना चाहिए। हम जितना ज्यादा स्वदेशी पर बल देंगे, उतना ही ज्यादा आत्मनिर्भरता पर बल देंगे। 

प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास जताया कि जब भारत की आजादी के 100 साल पूरे होंगे, तब हम हमारी युवा पीढ़ी को विकसित भारत सुपुर्द करेंगे। हमारी युवा पीढ़ी के सपनों को हम आज अपने परिश्रम से साकार करके रहेंगे। इसलिए, आइए देशवासियों, अपने पुरुषार्थ में कोई कमी नहीं रखें। हमारी नीति सही है, हमारी नीयत साफ है और 140 करोड़ देशवासियों की शक्ति आज एकजुट होकर देश को नई ऊँचाइयों पर ले जा रही है। आइए, खुशियों का भी संकल्प कीजिए और संकल्प को सिद्ध करने के लिए मेरे साथ चल पड़िए।

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