POCSO एक्ट के तहत FIR दर्ज करने पर IPS अधिकारी पर गिरी गाज, मनीष भारद्वाज PHQ अटैच

30 मई को शनिवार अवकाश होने के बाद भी आदेश जारी किए जाने पर सवाल उठाए जा रहे रहे हैं। इस पूरे मामले ने प्रभावशाली लोगों से जुड़े मामलों में पड़ने वाले दबावों और कहीं न कहीं पुलिस की काम करने की आजादी पर भी सवाल उठाए हैं।

POCSO एक्ट के तहत FIR दर्ज करने पर IPS अधिकारी पर गिरी गाज, मनीष भारद्वाज PHQ अटैच

मनीष भारद्वाज को PHQ अटैच करने को लेकर 30 मई को एक आदेश भी जारी किया गया है।

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Highlights

  • PHQ अटैच हुए IPS अधिकारी मनीष भारद्वाज पहले एम. पी. नगर में बतौर ACP काम कर रहे थे।
  • रिपोर्ट्स की मानें तो ये पूरा घटनाक्रम एक नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ से जुड़ा है।
  • पीड़ित पक्ष की शिकायत पर FIR दर्ज करने के बाद ही गृह विभाग मंत्रालय से ऑर्डर जारी कर दिया गया था।

मध्य प्रदेश से बड़ी खबर सामने आई है। यहां 2023 बैच के एक भारतीय पुलिस सेवा (IPS) ऑफिसर का तबादला कर दिया गया है। राजधानी भोपाल के एम. पी. नगर में सहायक पुलिस उपायुक्त (ACP) के तौर पर काम कर रहे मनीष भारद्वाज का ट्रांसफर कर दिया गया है। अब उन्हें भोपाल पुलिस मुख्यालय (PHQ) में अटैच किया गया है। इस संबंध में 30 मई को मध्य प्रदेश शासन द्वारा एक आदेश भी जारी किया जा चुका है। हालांकि अचानक लिए गए इस निर्णय के पीछे की कुछ और ही खबरें सामने आ रही हैं।

रिपोर्ट्स की मानें तो, ये पूरा घटनाक्रम एक नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ से जुड़ा है। पीड़ित पक्ष राजस्थान से ताल्लुक रखने वाला बताया जा रहा है। पहले शिकायत राजस्थान पुलिस में दर्ज की गई, जिसके बाद नियमों के मुताबिक जीरो FIR दर्ज कर मामले को भोपाल पुलिस को भेजा गया। बाद में एम.पी. नगर थाना क्षेत्र से संबंधित होने पर केस को वहां भेज दिया गया। तत्कालीन ACP मनीष भारद्वाज के पास मामला पहुंचने पर, उन्होंने सबूतों और तथ्यों के आधार पर बाल यौन उत्पीड़न संरक्षण अधिनियम (POCSO) और किशोर न्याय (देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम (JJ) के तहत आरोपी पर मामला दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके बाद FIR दर्ज करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी।

सूत्रों के अनुसार, जिस व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है, वो काफी प्रभावशाली माना जाता है। यहीं कारण है कि केस दर्ज होने के बाद से ही विभिन्न स्तरों पर चर्चाएं और हलचल शुरू हो गईं थीं। FIR दर्ज करने के बाद ही मध्य प्रदेश शासन के गृह विभाग मंत्रालय से मनीष भारद्वाज का ट्रांसफर ऑर्डर जारी कर दिया गया। 30 मई को शनिवार अवकाश होने के बाद भी आदेश जारी किए जाने पर सवाल उठाए जा रहे रहे हैं। इस पूरे मामले ने प्रभावशाली लोगों से जुड़े मामलों में पड़ने वाले दबावों और कहीं न कहीं पुलिस की काम करने की आजादी पर भी सवाल उठाए हैं।

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