झारखंड राज्यसभा चुनाव, कांग्रेस द्वारा उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद JMM ने दोनों सीटों पर ठोंका दावा

इन राज्यसभा चुनावों के लिए कांग्रेस द्वारा, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और अजय शर्मा को AICC पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। झारखंड सरकार में मंत्री सुदिव्य कुमार ने भी कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं का मानना ​​है कि JMM को दोनों सीटों पर चुनाव लड़ना चाहिए। हालांकि अंतिम फैसला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन लेंगे।

झारखंड राज्यसभा चुनाव, कांग्रेस द्वारा उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद JMM ने दोनों सीटों पर ठोंका दावा

तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क और के. राजू ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से की मुलाकात।

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Highlights

  • संख्याबल पर नजर डालें तो MGB के पास 56 और NDA के पास 24 विधायक है।
  • एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए कुल 28 वोटों की जरूरत होगी।
  • भाजपा को एक सीट हासिल करने के लिए सिर्फ चार वोटों की आवश्यकता है।

झारखंड की राजनीति से अहम खबर सामने आई है। कुछ दिनों बाद होने वाले राज्यसभा चुनावों को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं दिखाई दे रहा है। कांग्रेस द्वारा दो सीटों में से एक पर, प्रणव झा को प्रत्याशी बनाने के बाद, JMM ने दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की घोषणा कर दी है।

JMM के राष्ट्रीय महासचिव और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने मीडिया से बात करते हुए बताया "18 जून को राज्यसभा के लिए चुनाव होने हैं। इसमें झारखंड की दो सीटें शामिल हैं। झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए बने गठबंधन में JMM, कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और लेफ्ट के उम्मीदवार थे। इसलिए, उस नजरिए से भी देखें तो हमारे पास जरूरी संख्या है और हमारा गठबंधन दोनों सीटें जीतने में सक्षम है।"

उन्होंने आगे बताया, "2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव हेमंत सोरेन के नेतृत्व में गठबंधन ने लड़े थे। हमने लोकसभा में 5 और विधानसभा में 56 सीटें जीतीं। फिर हमने यहां अपनी सरकार बनाई। दोनों चुनाव हेमंत सोरेन के नेतृत्व में लड़े गए थे। आने वाला राज्यसभा चुनाव भी हेमंत सोरेन के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा। JMM के लोगों ने पार्टी प्रमुख हेमंत सोरेन से कहा है कि दोनों सीटों पर JMM के उम्मीदवार होने चाहिए क्योंकि 2024 के बाद से हम लगातार गठबंधन धर्म का पालन कर रहे हैं।"

बताया जा रहा है कि इस संबंध में मुख्यमंत्री सोरेन ने एक बैठक भी बुलाई थी, जिसमें कई मंत्री और विधायक भी शामिल हुए थे। प्रदेश सरकार में मंत्री सुदिव्य कुमार ने भी कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं का मानना ​​है कि JMM को दोनों सीटों पर चुनाव लड़ना चाहिए। हालांकि अंतिम फैसला मुख्यमंत्री लेंगे।

JMM-कांग्रेस के बीच मतभेद पर कांग्रेस महासचिव विनय सिन्हा ने कहा, "गठबंधन दोनों सीटें जीतेगा। एक JMM को मिलेगी और दूसरी कांग्रेस को। कार्यकर्ताओं की अपनी भावनाएं होती हैं और वे उन्हें जाहिर करते हैं। किसी भी राजनीतिक पार्टी में ऐसा होना स्वाभाविक है। हम यहां झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व में सरकार चला रहे हैं और विकास पर ध्यान दे रहे हैं, इसलिए कार्यकर्ताओं की भावनाओं को लेकर बयान आना लाजमी है।"

उन्होंने आगे बताया कि, "हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बात की। हमारे प्रभारी, तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री और हमारे प्रदेश अध्यक्ष भी उनसे मिले। हेमंत सोरेन के आवास पर लगभग दो घंटे तक बातचीत हुई। पिछली रात खरगे जी से बातचीत के बाद, हमें जल्द ही उम्मीदवार तय करना था क्योंकि समय कम बचा था।"

इन राज्यसभा चुनावों के लिए कांग्रेस द्वारा, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और अजय शर्मा को AICC पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। झारखंड विधानसभा पर नजर डालें, तो इसमें कुल 81 सदस्य होते हैं। महागठबंधन (MGB) में कुल 56 विधायक हैं, जिनमें JMM के 34, कांग्रेस के 16, RJD के 4 और CPI(ML)L का एक विधायक शामिल है। वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन में 24 विधायक हैं, जिनमें BJP के 21 एवं ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (AJSU), जनता दल-यूनाइटेड (JDU) और लोक जनशक्ति पार्टी-राम विलास (LJP-RV) का एक-एक विधायक शामिल है।

जानकारी के मुताबिक, एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए 28 विधायकों के फर्स्ट प्रेफरेंस वोट की जरूरत होती है। संख्याबल को देखते हुए, MGB को देखते हुए दोनों ही सीटें आराम से जीत सकता है। अब खबरें ये भी सामने आईं हैं कि BJP भी एक राज्यसभा सीट पर अपने नजरें बनाए हुए हैं। NDA के पास कुल 24 विधायक हैं और उन्हें सिर्फ 4 वोटों की जरूरत है। इस सीट के लिए पार्टी द्वारा गौरव वल्लभ का नाम भी सामने आ रहा है। हालांकि आधिकारिक घोषणा के बाद ही साफ हो पाएगा कि BJP किसे चुनावी मैदान में उतार रही है।

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