कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया दे सकते है इस्तीफा, डी. के. शिवकुमार सिर सजेगा ताज !

यदि डी. के. शिवकुमार के करियर पर एक नजर डालें तो, शिवकुमार 1989 से 2008 तक सथानूर और 2008 से कनकपुरा सीट से विधायक हैं। पार्टी में एक छात्र नेता के तौर पर शुरूआत करने वाले शिवकुमार धीरे-धीरे आगे बढ़ते गए। उन्होंने कैबिनेट में जल संसाधन, ऊर्जा और मेडिकल एजुकेशन जैसे बड़े अहम विभागों को भी संभाला है। लंबे समय से पार्टी के प्रति वफादार शिवकुमार, कांग्रेस पार्टी के ट्रबलशूटर के तौर पर भी जाने जाते हैं।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया दे सकते है इस्तीफा, डी. के. शिवकुमार सिर सजेगा ताज !

मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर काफी समय से दोनों के बीच खींचतान जारी है।

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Highlights

  • कांग्रेस आलाकमान द्वारा सिद्धारमैया को राज्यसभा भेजने की बात भी कही जा रही है।
  • डी. के. शिवकुमार को मुख्यमंत्री की कुर्सी मिलने के बाद वो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे सकते है।
  • सिद्धारमैया के बेटे और कर्नाटक विधान परिषद के सदस्य डॉ. यतींद्र सिद्धारमैया को कैबिनेट में जगह मिल सकती है।

कर्नाटक से बड़ी खबर सामने आ रही है। सूत्रों के अनुसार, प्रदेश के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। उनके स्थान पर उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डी. के. शिवकुमार को आखिरकार मुख्यमंत्री की कुर्सी मिल सकती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दोनों नेताओं की कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सांसद राहुल गांधी के साथ एक बैठक भी हुई। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी ने सिद्धारमैया को राज्यसभा भेजने की भी बात कही है। हालांकि रिपोर्ट्स की मानें तो, सिद्धारमैया अब भी कुर्सी छोड़ने के मूड में नहीं हैं। यदि शिवकुमार को कुर्सी मिलती है, तो वो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के पद से भी इस्तीफा दे सकते हैं। उनकी जगह लेने के लिए फिलहाल सतीश जारकीहोली सबसे आगे दिखाई दे रहे हैं।

सतीश जारकीहोली सिद्धारमैया के करीबी माने जाते हैं और फिलहाल लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में काम कर रहे हैं। सिर्फ इतना ही नहीं, सिद्दारमैया के बेटे और कर्नाटक विधान परिषद के सदस्य डॉ. यतींद्र सिद्धारमैया को कैबिनेट में जगह मिल सकती है। यतीन्द्र इससे पूर्व वरूणा सीट से विधायक भी रह चुके हैं। हालांकि दिल्ली में कर्नाटक के दोनों शीर्ष नेताओं की बैठक को लेकर AICC महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल ने बताया की, "हमारी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी और विपक्ष के नेता राहुल गांधी जी के साथ एक विस्तृत बैठक हुई। जाहिर है, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया जी, उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार जी, कर्नाटक के प्रभारी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला और मैं भी इस चर्चा का हिस्सा थे।"

उन्होंने आगे बताया, "आज की पूरी चर्चा सिर्फ आने वाले राज्यसभा चुनावों और कर्नाटक के परिषद चुनावों पर केंद्रित थी। आप लोग जो भी अटकलें लगा रहे हैं, वे महज अटकलें हैं। उनमें कोई सच्चाई नहीं है। आज हमने कर्नाटक की राज्यसभा सीटों और परिषद सीटों के बारे में चर्चा की। कर्नाटक की राज्यसभा और परिषद सीटों के उम्मीदवारों की घोषणा छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान और झारखंड जैसे अन्य राज्यों की सीटों के साथ ही की जाएगी। बस इतना ही। हमने यही फैसला किया है, आज इसके अलावा और किसी बात पर चर्चा नहीं हुई।"

कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर कहा, कर्नाटक के प्रभारी हमारे AICC महासचिव, सुरजेवाला जी आ रहे हैं और वे जो कुछ भी कहेंगे, हम सभी उसका पालन करेंगे क्योंकि वे हाई कमान का प्रतिनिधित्व करते हैं। हमें विस्तृत जानकारी तभी मिलेगी जब सुरजेवाला जी यहाँ पहुँचेंगे और हाई कमान द्वारा जो भी निर्णय लिया जाएगा, उसकी घोषणा वे ही करेंगे। जैसा कि मैंने पहले भी कहा था, हम सुरजेवाला जी का इंतजार कर रहे हैं, जिनके बेंगलुरू आने की उम्मीद है।”

यदि शिवकुमार और सिद्दारमैया के करियर पर एक नजर डालें तो, शिवकुमार 1989 से 2008 तक सथानूर और 2008 से कनकपुरा सीट से विधायक हैं। पार्टी में एक छात्र नेता के तौर पर शुरूआत करने वाले शिवकुमार धीरे-धीरे आगे बढ़ते गए। उन्होंने कैबिनेट में जल संसाधन, ऊर्जा और मेडिकल एजुकेशन जैसे बड़े अहम विभागों को भी संभाला है। लंबे समय से पार्टी के प्रति वफादार शिवकुमार, कांग्रेस पार्टी के ट्रबलशूटर के तौर पर भी जाने जाते हैं। वहीं सिद्धारमैया चामुंडेश्वरी और बादामी सीटों से विधायक रह चुके हैं और फिलहाल वरूणा से विधानसभा सदस्य हैं। उन्होंने भी कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री के तौर पर काम किया है।

हालांकि शिवकुमार की तरह वो हमेशा से कांग्रेस में नहीं थे और अतीत में ऑल इंडिया प्रोग्रेसिव जनता दल (AIPJD), जनता दल-सेक्युलर (JD-S), जनता दल (JD), जनता पार्टी (JD) और लोक दल (LD) में भी रह चुके हैं। यदि सब कुछ ठीक रहा और सिद्धारमैया वाकई में कुर्सी छोड़ते हैं, तो काफी लंबी प्रतीक्षा के बाद अंततः उपमुख्यमंत्री शिवकुमार का सपना पूरा हो जाएगा। ताजा घटनाक्रम में, वो कल सुबह 9 बजे कावेरी स्थित मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया द्वारा बुलाई गई ब्रेकफास्ट मीटिंग में शामिल होंगे।

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