सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री पद से दिया इस्तीफा, डी.के. शिवकुमार होंगे राज्य के अगले मुखिया

सिद्धारमैया दोनों कार्यकालों को मिलाकर 8 सालों से अधिक समय तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं। इसके अलावा सबसे अधिक समय तक उपमुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड भी उन्हीं के नाम पर है।

सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री पद से दिया इस्तीफा, डी.के. शिवकुमार होंगे राज्य के अगले मुखिया

सिद्धारमैया ने राज्यपाल थावर चंद गहलोत के विशेष सचिव प्रभु शंकर को सौंपा इस्तीफा।

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Highlights

  • सिद्धारमैया सबसे लंबे समय तक कर्नाटक के मुख्यमंत्री रहे।
  • उन्होंने हाई कमान को दो बार मुख्यमंत्री बनने का अवसर देने हेतु धन्यवाद भी दिया।
  • सिद्धारमैया ने कहा की संविधान सर्वोच्च है और हमने उसके दिखाए रास्ते पर चलने की कोशिश की है।

कर्नाटक से बड़ी खबर सामने आई है। सिद्धारमैया ने आज प्रदेश के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने राज्यपाल थावर चंद गहलोत के विशेष सचिव प्रभु शंकर को अपना इस्तीफा सौंपा। थावर चंद गहलोत पारिवारिक कारणों से इस समय मध्य प्रदेश में हैं। बताया जा रहा है कि वो आज रात तक कर्नाटक वापस लौट सकते हैं। उन्होंने एक प्रेस वार्ता को भी संबोधित किया, जहां उनके साथ वर्तमान उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार एवं गृह मंत्री जी. परमेश्वर भी उपस्थित थे। प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि मैंने अपना इस्तीफा राज्यपाल कार्यालय को सौंप दिया है। राज्यपाल यहां नहीं हैं, वे आज रात लौट रहे हैं। इसलिए, मैंने इस्तीफा उनके कार्यालय में जमा कर दिया।

सिद्धारमैया ने आगे बताया कि, "मैंने पहले भी कहा है कि जब भी हाई कमान मुझे निर्देश देगा, मैं इस्तीफा दे दूँगा। इसलिए, मैं आज ही अपना इस्तीफा सौंप रहा हूँ। ऐसा समझा जा रहा है कि यह अगले मुख्यमंत्री के लिए रास्ता बनाने के लिए किया जा रहा है। हमारे प्रति और हमारे कल्याण के प्रति उनकी ज़िम्मेदारी बनी रहेगी। इसमें कोई निराशा नहीं है। हमारी पार्टी ने 135+1 सीटों के साथ जीत हासिल की। ​​इसके साथ ही, दो निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी हमारी सरकार का समर्थन किया।" उन्होंने बताया कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने मुझे राज्यसभा सीट की पेशकश की थी, लेकिन मैंने विनम्रतापूर्वक इसे ठुकरा दिया, क्योंकि राष्ट्रीय राजनीति में मेरी कोई दिलचस्पी नहीं है।

उन्होंने कहा कि संविधान सर्वोच्च है और हमने उसके दिखाए रास्ते पर चलने की कोशिश की है। हमने संविधान में तय किए गए सिद्धांतों के अनुसार बात करने की कोशिश की है। हमने उन संवैधानिक सिद्धांतों के अनुसार बोलने की कोशिश की है। हमारे समर्थक और प्रशंसक हमारे साथ खड़े रहे। मुझे कर्नाटक के सात करोड़ लोगों की सेवा करने का अवसर मिला है। मुझे दो बार मुख्यमंत्री बनने का अवसर भी मिला है। मुझे दो बार विपक्ष का नेता बनने का अवसर मिला। मैं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और हमारे अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को ये अवसर देने के लिए धन्यवाद देता हूँ। 

कर्नाटक के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का कीर्तिमान सिद्धारमैया के ही नाम पर है। वो दोनों कार्यकालों को मिलाकर 8 सालों से अधिक समय तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं। उन्होंने जनवरी 2026 में डी. देवराज उर्स का रिकॉर्ड तोड़ दिया। डी. देवराज उर्स ने 7 वर्षों से अधिक समय तक मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली थी। इसके अलावा सबसे अधिक समय तक उपमुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड भी सिद्धारमैया के ही नाम पर है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार 30 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।

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