पूरे देश में अब E20 फ्यूल का मुद्दा काफी चर्चा में है। आज आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने अन्य लोगों के साथ मिलकर E20 पेट्रोल के विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास तक मार्च किया। हालांकि, प्रधानमंत्री से मिलने की अनुमति न मिलने पर उन्होंने यह मार्च रद्द कर दिया।
इसकी कुछ तस्वीरें X पर शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, "आज हमने E20 के विरोध में जनता की 2 लाख से अधिक पिटीशंस लेकर मोदी जी से मिलने की कोशिश की, लेकिन मोदी जी की पुलिस ने हमें रोक दिया। हमने सभी पिटीशंस मोदी जी को भेज दी हैं। मोदी जी, हमें अपनी ताकत दिखाने से क्या होगा? आप यही हिम्मत ट्रंप को दिखाइए और देश पर E20 थोपना बंद करिए। वरना देश फिर एक बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएगा।"
अरविन्द केजरीवाल ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की। इस दौरान उनके साथ दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और राज्यसभा सांसद संजय सिंह भी मौजूद थे। आज केजरीवाल ने बताया कि हम लोग 2,33,238 पिटीशंस लेकर प्रधानमंत्री जी को देने के लिए निकले थे। एक महीना पहले उनसे E20 के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए समय मांगा था। उनका कोई जवाब नहीं आया। आज हम उन्हें पिटीशंस देने के लिए निकले थे। उन्होंने जवाब दिया कि मै नहीं मिलूंगा। केजरीवाल ने कहा कि ये तानाशाही को दिखाता है।
जिस तरह से उन्होंने NEET वाले पूरे एपिसोड में तानाशाही दिखाई, ऐसे ही इस पूरे E20 के मुद्दे पर वो अड़े हुए हैं। केजरीवाल ने आगे कहा कि उनकी अपनी सरकार ने संसद में यह माना है कि हाँ, माइलेज कम हो जाती है, भले ही थोड़ी सी और इंजन के पार्ट, खासकर रबर वाले पार्ट, खराब हो जाते हैं। तो, अगर इंजन के पार्ट खराब हो रहे हैं और माइलेज पर असर पड़ रहा है, तो यह सब पर क्यों थोपा जा रहा है?
केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में काम कर रहे हैं। ऐसा लगता है कि ट्रंप मोदी को परेशान कर रहे हैं और उन पर इतना दबाव डाल रहे हैं कि मोदी जी में 'ना' कहने की हिम्मत नहीं है। केजरीवाल का आरोप है कि ट्रंप भारत पर दबाव डालकर अमेरिका से इथेनॉल खरीदने और उसे देश में बेचने के लिए मजबूर कर रहे हैं। इसलिए ये पूरा E20 आया हुआ है। केजरीवाल ने प्रधानमंत्री से यह भी निवेदन किया कि वे अमेरिका से इथेनॉल खरीदना बंद करें और ट्रंप के दबाव का सामना करना सीखें, क्योंकि इससे पूरे देश को नुकसान हो रहा है।
उन्होंने आगे बताया कि आज पंजाब विधानसभा में E20 को वापस लेने की मांग वाला एक प्रस्ताव पारित किया गया। E20 जनहित के खिलाफ है और प्रधानमंत्री को ट्रंप के दबाव में नहीं आना चाहिए। गुजरात, गोवा और जम्मू-कश्मीर में हमारे विधायक भी ऐसा ही प्रस्ताव पेश करेंगे। हमें नहीं पता कि यह पास होगा या नहीं, क्योंकि गुजरात और गोवा में भाजपा सत्ता में है। केजरीवाल ने कहा कि यदि जनता E20 का समाधान चाहती है और इससे छुटकारा पाना चाहती है, तो उन्हें बड़े पैमाने पर सड़कों पर उतरना होगा।