महिला आरक्षण बिल पारित न हो पाने पर किरेन रिजिजू की प्रेस कांफ्रेंस, कांग्रेस को बताया महिला विरोधी

रिजिजू ने नक्सलवाद का भी उल्लेख करते हुए मीडिया को बताया कि, "एक बड़ी उपलब्धि यह है कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में वामपंथी उग्रवाद को खत्म करने का सरकार का संकल्प लगभग पूरा हो चुका है। गृह मंत्री ने चर्चा के दौरान इस बात को अच्छी तरह समझाया। यह देश के लिए एक बहुत बड़ी अचीवमेंट है।"

महिला आरक्षण बिल पारित न हो पाने पर किरेन रिजिजू की प्रेस कांफ्रेंस, कांग्रेस को बताया महिला विरोधी

इस दौरान किरेन रिजिजू के साथ केंद्रीय विधि और न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल भी मौजूद थे।

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Highlights

  • केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा की कांग्रेस और उनके साथियों को महिलाओं के गुस्से का सामना करना पड़ेगा।
  • उन्होंने कहा की बिल पारित न होने के कारण देश की महिलाओं को नुकसान हुआ, जिसके कारण हम सभी दुखी है।
  • रिजिजू ने बताया की कांग्रेस पर महिला-विरोधी होने का एक काला धब्बा लगा है, एक ऐसा कलंक जो कभी नहीं मिटेगा।

लोकसभा में महिला आरक्षण बिल दो-तिहाई बहुमत न मिल पाने के कारण खारिज हो गया। इसके बाद से ही भाजपा और अन्य सहयोगी दल विपक्षी पार्टियों पर हावी नजर आ रहे हैं। कांग्रेस और उनके अन्य साथियों को महिला-विरोधी भी बताया जा रहा है। इसी कड़ी में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आज एक प्रेस कांफ्रेंस रखी। इस दौरान उनके साथ केंद्रीय विधि और न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल भी मौजूद थे। अपने संबोधन की शुरूआत में उन्होंने इस बजट सत्र को बहुत ऐतिहासिक और सार्थक बताया, जो 28 जनवरी से 18 अप्रैल तक चला।

उन्होंने कहा कि बजट सत्र को तीन दिन 16, 17 और 18 अप्रैल के लिए बढ़ा दिया गया था। इन तीन दिनों के विशेष सत्र के दौरान नारी शक्ति वंदन अधिनियम और परिसीमन संशोधन बिल पेश किए गए थे। लेकिन संविधान संशोधन के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हमें नहीं मिल पाया, जिसके कारण यह बिल पारित नहीं हो सका। अन्य सभी सरकारी बिल्स पारित हो गए।

रिजिजू ने नक्सलवाद का भी उल्लेख करते हुए मीडिया को बताया कि, "एक बड़ी उपलब्धि यह है कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में वामपंथी उग्रवाद को खत्म करने का सरकार का संकल्प लगभग पूरा हो चुका है। गृह मंत्री ने चर्चा के दौरान इस बात को अच्छी तरह समझाया। यह देश के लिए एक बहुत बड़ी अचीवमेंट है।" लोकसभा में कल हुई कार्यवाही पर उन्होंने कहा, "नारी शक्ति वंदन अधिनियम और परिसीमन संशोधन बिल जो कल पारित नहीं हो सके, इसे सरकार या हमारी पार्टी की विफलता के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह कांग्रेस पार्टी और कुछ अन्य दलों द्वारा देश के साथ किया गया घोर विश्वासघात है। इसलिए, कांग्रेस पार्टी और उसके कुछ सहयोगियों को महिलाओं के गुस्से का सामना करना पड़ेगा।"

कांग्रेस पार्टी को महिला विरोधी करार देते हुए रिजिजू ने कहा, "क्या आपने दुनिया में कभी कोई ऐसी पार्टी देखी है जो यह तय करे कि महिलाओं को अधिकार नहीं दिए जाएंगे और फिर इसे एक जीत के तौर पर मनाए? लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण देना हमारा कर्तव्य है। कांग्रेस पार्टी की यह मानसिकता कि वे आरक्षण नहीं देंगे और फिर बिल को गिराने के बाद जश्न मनाएंगे। इससे ज्यादा महिला-विरोधी मानसिकता और क्या हो सकती है?"

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "हम सभी इस बात से दुखी हैं कि राजनीतिक मकसद और महिलाओं के अधिकारों से वंचित करने की मानसिकता के चलते, कांग्रेस पार्टी और विपक्ष ने संवैधानिक संशोधन को पारित होने से रोक दिया। हम इसलिए दुखी हैं क्योंकि यह नुकसान देश की महिलाओं को हुआ है। यह एक अहम कदम था, जिसका मकसद महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में अपनी बात रखने का मौका देना था। उन्हें पूरी कानूनी प्रक्रिया में, देश को चलाने वाले फैसलों में और निर्णय लेने की प्रक्रिया में हिस्सा लेने के लिए सशक्त बनाना था, लेकिन यह कदम पारित नहीं हो सका। इसीलिए हम दुखी हैं।"

उन्होंने आगे बताया कि कांग्रेस पार्टी पर महिला-विरोधी होने का एक काला धब्बा भी लगा है, एक ऐसा कलंक जो कभी नहीं मिटेगा। महिलाओं के अधिकारों से वंचित करने का जश्न मनाना एक घोर पाप है। महिलाओं को अधिकार न देने का फैसला करके वे इसे अपनी जीत मान रहे हैं। रिजिजू ने कहा कि लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण देना हमारी जिम्मेदारी है और हमें इसे हर हाल में पूरा करना है। कांग्रेस की मानसिकता इसे नकारने की है और उस बिल को हराने के बाद वे जश्न मना रहे हैं। उन्होंने अपने असली चेहरे को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है। अब कोई बहाना काम नहीं आएगा। कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने उन अधिकारों को नष्ट कर दिया है जो महिलाओं को मिलने चाहिए थे।

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