मोहन कैबिनेट में लिए गए बड़े फैसले, UCC को लेकर सुझाव प्रक्रिया शुरू, धार में बनेगा सरस्वती लोक

कक्षा पहली से आठवीं तक के बच्चों को सिली हुई ड्रेस/यूनिफॉर्म दी जाएंगी। जानकारी के अनुसार, पहले बच्चों को 2 ड्रेसेज के लिए 600 रूपए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से दिए जाते थे। इसके लिए टेंडर जारी करने की बात भी कही गई है, जिसमें मध्य प्रदेश के उद्योगों को प्राथमिकता दी जाएगी।

मोहन कैबिनेट में लिए गए बड़े फैसले, UCC को लेकर सुझाव प्रक्रिया शुरू, धार में बनेगा सरस्वती लोक

इस बैठक की शुरूआत वन्दे मातरम के गायन के साथ हुई।

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Highlights

  • गोरस एप से पशुपालकों को पशुओं के स्वास्थ्य और आहार से संबंधित जानकारी मिलेगी।
  • पीएम सूर्य घर योजना के तहत 40 लाख घरों की छतों पर सोलर रूफटॉप पैनल स्थापित किए गए है।
  • जल गंगा संवर्धन अभियान में दो लाख से ज्यादा जल संरचनाओं पर कार्य किया गया है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और जगदीश देवड़ा समेत मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य भी शामिल हुए। इसकी शुरूआत वन्दे मातरम के गायन के साथ हुई और इसमें कई अहम फैसले भी लिए गए। समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर भी जानकारी सामने आई है। सभी निर्णयों की जानकारी देते हुए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री चैतन्य कश्यप ने कहा कि UCC को लेकर जनता के सुझावों को लेने का कार्य प्रारंभ हो चुका है और इसे 30 जुलाई तक पूर्ण भी कर लिया जाएगा।

एक और बड़े फैसले में, उज्जैन के महाकाल लोक की तर्ज पर धार जिले में सरस्वती लोक भी बनाया जाएगा। भोजशाला मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच द्वारा फैसला सुनाए जाने के बाद, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वहां पर पहुंचे थे और देवी वाग्देवी की पूजा-अर्चना भी की थी। पीएम सूर्य घर योजना को लेकर भी जानकारी दी गई। MSME मंत्री कश्यप ने बताया कि अब तक लगभग 40 लाख घरों की छतों पर सोलर रूफटॉप पैनल सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि "जल गंगा संवर्धन अभियान" में दो लाख से ज्यादा जल संरचनाओं पर कार्य हुआ है और इसमें 6,330 करोड़ रूपए की राशि खर्च की गई है। इसके अलावा इस अभियान में मध्य प्रदेश ने देश में प्रथम स्थान हासिल किया है।

MSME मंत्री चैतन्य कश्यप ने बताया कि गोरस नामक एक एप की शुरूआत भी की गई है, जिसका उपयोग कर पशुओं से संबंधित कोई भी जानकारी प्राप्त हो सकती है। इनमें किस समय पर पशुओं का कौनसा आहार देना, उनके स्वास्थ्य संबंधी जानकारी व दूध उत्पादन बढ़ाने से जुडी जानकारियां शामिल हैं। कक्षा पहली से आठवीं तक के बच्चों को सिली हुई ड्रेस/यूनिफॉर्म दी जाएंगी। जानकारी के अनुसार, पहले बच्चों को 2 ड्रेसेज के लिए 600 रूपए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से दिए जाते थे। इसके लिए टेंडर जारी करने की बात भी कही गई है, जिसमें मध्य प्रदेश के उद्योगों को प्राथमिकता दी जाएगी। इंदौर में बन रहे जिला न्यायालय भवन की लागत भी बढ़ाकर 600 करोड़ से अधिक कर दी गई है। पहले ये लगभग 412 करोड़ रूपए थी।

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