TMC में बड़ी बगावत, 20 सांसदों ने थामा NDA का दामन, ममता बनर्जी की बढ़ीं मुश्किलें

लोकसभा में TMC के 28 और राज्यसभा में 12 सांसद हैं। इन 20 सांसदों के NDA को समर्थन के बाद ममता बनर्जी के पास सिर्फ 8 सांसद ही रह जाएंगे। विधानसभा में तो बागी गुट के ऋतब्रत बनर्जी विपक्ष के नेता (LoP) बन ही चुके हैं। कुल-मिलाकर कहा जा सकता है कि ममता बनर्जी इस वक्त हर तरफ से मुसीबतों से घिरी हुई हैं।

TMC में बड़ी बगावत, 20 सांसदों ने थामा NDA का दामन, ममता बनर्जी की बढ़ीं मुश्किलें

डॉ. काकोली घोष दस्तीदार ने आज बड़ा राजनीतिक खेला कर दिया है।

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Highlights

  • TMC के 20 सांसदों में शताब्दी रॉय, शर्मीला सरकार और प्रसून बनर्जी जैसे नेता शामिल बताए जा रहे है।
  • इन सभी बागी सांसदों ने केंद्रीय मंत्री और पश्चिम बंगाल प्रभारी भूपेंद्र यादव के घर पर एक बैठक भी की है।
  • कुछ घंटों पहले ही सुखेंदु शेखर रॉय ने भी TMC की सदस्यता और राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा दे दिया है।

पश्चिम बंगाल की राजनीति से बड़ी खबर सामने आई है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सामने एक और संकट खड़ा हो गया है। तृणूमल कांग्रेस (TMC) की नेता और बारासात से लोकसभा सांसद डॉ. काकोली घोष दस्तीदार ने बड़ा खेला कर दिया है। उनका दावा है कि TMC के करीब 20 सांसदों ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायन्स (NDA) को समर्थन देने का फैसला किया है। डॉ. दस्तीदार का कहना है कि इन सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर NDA के साथ गठबंधन करने की इच्छा जताई है।

उन्होंने कहा कि यह फैसला साथी सांसदों के साथ लंबी बातचीत के बाद लिया गया है। अभी भी मैं लोकसभा में TMC की चीफ व्हिप हूँ और इसी हैसियत से मैंने यह फैसला लेने से पहले अपने साथियों से सलाह-मशविरा किया है। मुझे पद से हटाना मनमाना और एकतरफा फैसला था। भले ही पार्टी चेयरपर्सन ने मेरी जगह किसी और को नियुक्त करने की घोषणा कर दी हो, लेकिन इससे संवैधानिक और संसदीय स्थिति रातों-रात नहीं बदल जाती। हमने बंगाल में चुनाव नतीजों को स्वीकार किया है और हमारा मानना ​​है कि हमारी भविष्य की राजनीतिक दिशा NDA के अनुरूप होनी चाहिए।

इन सभी सांसदों ने केंद्रीय मंत्री और पश्चिम बंगाल के प्रभारी भूपेंद्र यादव के घर पर एक बैठक भी की। इन सांसदों में डॉ. दस्तीदार के अतिरिक्त शर्मीला सरकार, जगदीश चंद्र बर्मा बासुनिया, प्रसून बनर्जी, शताब्दी रॉय, असित कुमार मल और कालीपद सोरेन जैसे नेता शामिल बताए जा रहे हैं। लोकसभा में TMC के 28 और राज्यसभा में 12 सांसद हैं। इन 20 सांसदों के NDA को समर्थन के बाद ममता बनर्जी के पास सिर्फ 8 सांसद ही रह जाएंगे।

कुछ घंटों पहले ही, राज्यसभा में पार्टी के वरिष्ठ नेता सुखेंदु शेखर रॉय ने भी TMC की सदस्यता और सांसद पद से इस्तीफा दे दिया है। कोयल मलिक के त्यागपत्र देने की खबरें भी इस वक्त काफी चर्चा में हैं। विधानसभा में तो बागी गुट के ऋतब्रत बनर्जी विपक्ष के नेता (LoP) बन ही चुके हैं। कुल-मिलाकर कहा जा सकता है कि ममता बनर्जी इस वक्त हर तरफ से मुसीबतों से घिरी हुई हैं।

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