पश्चिम बंगाल में चुनाव सम्पन्न हो चुके हैं और नतीजों में तृणमूल कांग्रेस (TMC), 294 में से सिर्फ 80 सीटों पर ही सिमट कर रह गई है। ऐसे प्रदर्शन के बाद भी प्रदेश की निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के तेवर अब भी पहले की तरह ही हैं। इस बड़ी पराजय के बाद उन्होंने एक प्रेस वार्ता की, जिसमें उन्होंने एक बार फिर चीफ इलेक्शन कमिश्नर (CEC) पर ठीकरा फोड़ा है। इस प्रेस वार्ता में उनके साथ पार्टी के अन्य शीर्ष नेता, जैसे अभिषेक बनर्जी, फिरहाद हाकिम, कल्याण बनर्जी, डेरेक ओ'ब्रायन और सोवनदेव चट्टोपाध्याय भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में CEC लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों को छीनने और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में हेराफेरी करने के मामले में विलेन बन गया है।
निवर्तमान मुख्यमंत्री बनर्जी ने कहा, "क्या आप मुझे बता सकते हैं कि वोटिंग के बाद EVM में 80-90% चार्ज कैसे हो सकता है? यह कैसे मुमकिन है? चुनाव से दो दिन पहले ही उन्होंने हमारे लोगों को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया। उन्होंने हर जगह छापे मारने शुरू कर दिए। उन्होंने सभी IPS और IAS अधिकारियों को बदल दिया। उन्होंने अपनी पार्टी के लोगों को चुना और BJP ने सीधे तौर पर चुनाव आयोग के साथ मिलकर खेल खेला। यह BJP और चुनाव आयोग के बीच एक तरह की बेटिंग है। हमने पूरी सरकारी मशीनरी के खिलाफ लड़ाई लड़ी। प्रधानमंत्री और गृहमंत्री भी इसमें शामिल हैं, उनका सीधा दखल है। उन्होंने SIR से 90 लाख नाम हटा दिए। जब हम कोर्ट गए, तो 32 लाख नाम फिर से शामिल किए गए। उन्होंने बहुत ही गंदे, घटिया और शरारती खेल खेले। मैंने अपनी जिंदगी में इस तरह का चुनाव कभी नहीं देखा।"
उन्होंने बताया कि दूसरे दलों के कई नेताओं जैसे अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, उद्धव ठाकरे और हेमंत सोरेन ने उन्हें फोन किया। ममता बनर्जी ने कहा, "INDI गठबंधन के सभी सहयोगियों ने मुझसे कहा कि वे पूरी तरह और पूरी निष्ठा से मेरे साथ हैं। मुझे लगता है कि आने वाले दिनों में हमारी एकजुटता और मजबूत होगी। मेरा लक्ष्य बहुत साफ है। मैं INDI टीम को मजबूत करूंगी, ठीक वैसे ही जैसे एक आम इंसान करता है। अब मेरे पास कोई पद नहीं है, इसलिए मैं एक आम नागरिक हूं। इसलिए, आप मुझसे यह नहीं कह सकते कि मैं आपके पद का इस्तेमाल कर रही हूं। अब मैं एक आजाद पंछी हूं। मैंने अपना पूरा जीवन लोगों की सेवा में समर्पित कर दिया, यहां तक कि इन 15 सालों में मैंने पेंशन का एक पैसा भी नहीं लिया है। मैं वेतन का भी एक पैसा नहीं ले रही हूं। लेकिन अब, मैं एक आजाद पंछी हूं।"
आउटगोइंग सीएम ने यह भी आरोप लगाया कि काउंटिंग सेंटर पर उनके पेट और पीठ पर लात मारी गई और उनके साथ धक्का-मुक्की व मारपीट की गई। ममता का कहना कि वो इस्तीफा नहीं देंगी, वो हारी नहीं हैं और ना वो राजभवन जाएंगी। उन्होंने आगे कहा कि आधिकारिक तौर पर, चुनाव आयोग के जरिए BJP हमे हरा सकती है, लेकिन नैतिक रूप से हम चुनाव जीत चुके हैं। 17वीं पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को समाप्त हो जाएगा और 8 मई को सदन भंग हो जाएगा। इसके भंग होते ही पुराने सभी विधायकों की सदस्यता समाप्त हो जाएगी। यदि ममता बनर्जी इस्तीफा न भी दें, तब भी वो 7 मई के बाद मुख्यमंत्री नहीं रहेंगी।