नई दिल्ली में QUAD देशों के विदेश मंत्रियों की हुई बैठक, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र पर रहा फोकस

डॉ. जयशंकर ने कहा कि, पिछले कुछ महीनों में, हमारे अधिकारियों ने समुद्री सुरक्षा, क्रिटिकल टेक्नोलॉजीज़, इकोनॉमिक रेज़िलिएंस और HADR सहित प्रमुख प्राथमिकताओं पर सहयोग को आगे बढ़ाया है। हमने कई पहलों पर उत्साहजनक प्रगति देखी है। मैरीटाइम डेमोक्रेसीज़, प्लुरलिस्टिक सोसाइटीज़ और मार्केट इकोनॉमीज़ के रूप में, हम एक स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक के प्रति अपनी जिम्मेदारी साझा करते हैं।

नई दिल्ली में QUAD देशों के विदेश मंत्रियों की हुई बैठक, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र पर रहा फोकस

इस बैठक में डॉ. एस. जयशंकर, मार्को रूबियो, पेनी वॉन्ग और तोशिमित्सु मोटेगी शामिल हुए।

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Highlights

  • QUAD देशों ने स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
  • इस बैठक में समुद्री सुरक्षा, सप्लाई चैन और क्रिटिकल टेक्नोलॉजी जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
  • सभी देशों ने QUAD को और मजबूत बनाकर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और विकास बढ़ाने की बात कही।

नई दिल्ली में आज QUAD देशों की एक महत्वपूर्ण मीटिंग हुई। इसकी मेजबानी भारत ने की और इसमें विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के अलावा अमेरिकी सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रूबियो, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वॉन्ग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी भी शामिल हुए इस मीटिंग में डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि, हम अपनी साझा गतिविधियों पर चर्चा करेंगे और उनके बारे में फैसले लेंगे। जाहिर है, इसमें दुनिया भर की कई चुनौतियों और मौकों को ध्यान में रखा जाएगा। हमारा मुख्य ध्यान साफ तौर पर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र पर होगा, जो कि QUAD की खास सीमा है।

उन्होंने आगे कहा, "वैश्विक स्तर पर, हमें सप्लाई चेन की मजबूती, कनेक्टिविटी में रूकावट वाली जगहों, मैन्युफैक्चरिंग और संसाधनों के जमाव और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर में कमियों जैसे मुद्दों को हल करना होगा। इनमें से हर एक चीज ज्यादा साझेदारियों, मजबूत विकास और टेक्नोलॉजी के वादों को पूरा करने के लिए एक नया तर्क पेश करती है। इसके अलावा, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की अपनी खास चिंताएँ भी हैं। इसके लिए रणनीतिक भरोसे को बढ़ाना, समुद्री सुरक्षा पक्की करना, आर्थिक विकल्पों को बढ़ावा देना और सहयोग की गहरी भावना को बढ़ावा देना जरूरी होगा। यह काम भरोसेमंद और पारदर्शी साझेदारियों को बढ़ावा देकर सबसे अच्छे तरीके से किया जा सकता है।"

डॉ. जयशंकर ने कहा कि, पिछले कुछ महीनों में, हमारे अधिकारियों ने समुद्री सुरक्षा, क्रिटिकल टेक्नोलॉजीज़, इकोनॉमिक रेज़िलिएंस और HADR सहित प्रमुख प्राथमिकताओं पर सहयोग को आगे बढ़ाया है। हमने कई पहलों पर उत्साहजनक प्रगति देखी है। मैरीटाइम डेमोक्रेसीज़, प्लुरलिस्टिक सोसाइटीज़ और मार्केट इकोनॉमीज़ के रूप में, हम एक स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक के प्रति अपनी जिम्मेदारी साझा करते हैं। इस क्षेत्र को वैश्विक विकास और स्थिरता का वाहक बने रहना चाहिए। आज हम अपनी चर्चाओं के माध्यम से इस बात पर जोर देंगे और मुझे विश्वास है कि ये चर्चाएँ उपयोगी और सार्थक होंगी।

इसके बाद ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वॉन्ग ने कहा, "हम चार संप्रभु राष्ट्र हैं, जिनका अपना इतिहास और अपने हित हैं, लेकिन हमारे हितों के बीच जबरदस्त तालमेल है। हम सभी इंडो-पैसिफिक के लिए एक साझा दृष्टिकोण रखते हैं, एक ऐसा क्षेत्र जो पूरी तरह से स्वतंत्र और खुला हो। इस तरह के क्षेत्र को साकार करने की दिशा में काम करते हुए, हममें से हर कोई अपना अनूठा दृष्टिकोण, अनुभव और अपनी ताकत साथ लेकर आता है। एक QUAD समूह के तौर पर, जब भी प्राकृतिक आपदाएँ आईं, हमने मिलकर ठोस और प्रभावी कदम उठाए हैं। 

पेनी वॉन्ग ने कहा, "हमने क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर, समुद्र के नीचे बिछी केबलों, समुद्री सुरक्षा और क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में भी एक-दूसरे का सहयोग किया है। हम सभी चाहते हैं कि QUAD जितना संभव हो सके, उतना मजबूत और प्रभावी बने। इसका पूरा ध्यान ठोस परिणाम देने पर केंद्रित हो और हम इसकी गति को बनाए रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। हम अपने क्षेत्र के लिए ऐसे ही भविष्य की कामना करते हैं, एक शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध क्षेत्र। आज हम उसी भविष्य के निर्माण की दिशा में अपने काम को आगे बढ़ा रहे है।"

इसके बाद मार्को रूबियो ने कहा, "मेरा मानना है कि हम अपने-अपने देश की जनता को यह बता सकते हैं कि सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में हमने इस दिशा में बहुत ही तेजी से काम करना शुरू कर दिया है। यह भी दिलचस्प है कि जिन क्षेत्रों में हम मिलकर काम कर रहे हैं, वे दुनिया भर में हाल ही में घटी घटनाओं के कारण और भी अधिक प्रासंगिक और महत्वपूर्ण हो गए हैं। इसलिए, मुझे लगता है कि आज हम उन क्षेत्रों में अपने संबंधों को और अधिक व्यावहारिक बनाने की दिशा में और भी अधिक प्रगति करेंगे, जहाँ हम एक-दूसरे का सहयोग कर सकते हैं। QUAD के बारे में सबसे दिलचस्प बात केवल यह नहीं है कि यह चार रणनीतिक सहयोगियों का एक समूह है, जहाँ हम साझा हितों से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों पर अपने विचार साझा करने के लिए एक साथ आते हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "यह मंच न केवल धीरे-धीरे एक ऐसे मंच के रूप में विकसित हो रहा है, जिसके माध्यम से हम ठोस कार्रवाई करना शुरू कर रहे हैं, बल्कि आज यहाँ मौजूद ये चारों देश अपने साथ कुछ ऐसी अनूठी क्षमताएँ भी लेकर आए हैं, जिनका सामूहिक रूप से उपयोग करके हम दुनिया के सामने मौजूद कुछ सबसे गंभीर समस्याओं का समाधान कर सकते हैं।

मार्को रूबियो ने कहा, "चाहे वह मानवीय सहायता से जुड़ा कोई मामला हो, एनर्जी सिक्योरिटी का मुद्दा हो, नेविगेशन की स्वतंत्रता का विषय हो, या फिर केवल एनर्जी ही नहीं, बल्कि क्रिटिकल मिनरल्स और सप्लाई चेन्स के मामले में भी अपनी सप्लाई के स्रोतों में विविधता लाने की आवश्यकता हो। ये ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ हमारे चारों देश, चाहे वे सामूहिक रूप से काम करें या व्यक्तिगत रूप से, इन समस्याओं को हल करने की दिशा में अपनी जबरदस्त क्षमताओं और संसाधनों का भरपूर उपयोग कर सकते हैं।"

बाद में जापानी विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी ने भी अपनी बात साझा करते हुए कहा कि यह QUAD मीटिंग दुनिया को एक मजबूत संदेश देती है कि QUAD एक स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को साकार करने के लिए सहयोग को जोरदार ढंग से बढ़ावा देगा। इंडो-पैसिफिक देशों को आर्थिक सुरक्षा सहित अपने भविष्य को खुद तय करने के लिए अपनी मजबूती और जरूरी क्षमता को बढ़ाना चाहिए। आज, मुझे उम्मीद है कि QUAD सहयोग को तेज करने सहित कई मुद्दों पर खुलकर चर्चा होगी।

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