प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी 10 जून 2026 को, सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित प्रधानमंत्री बन चुके हैं। उन्होंने प्रथम प्रधानमंत्री नेहरू जी के 4,398 दिनों के कार्यकाल का रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। इस अवसर पर उन्हें देश-विदेश से लगातार बधाइयां मिल रही हैं। दुनिया भर के लीडर्स ने प्रधानमंत्री के परिवर्तनकारी शासन, ग्लोबल साउथ की वकालत और समावेशी तथा आर्थिक रूप से गतिशील भारत के उनके विजन की सराहना की। भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने X पर एक पोस्ट में लिखा, "भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर माननीय प्रधानमंत्री श्रीमान नरेंद्र मोदी जी को हार्दिक बधाई।"
उन्होंने आगे लिखा, "यह ऐतिहासिक उपलब्धि केवल लंबे कार्यकाल का प्रतीक नहीं है, बल्कि हमारी राष्ट्रीय यात्रा में एक परिवर्तनकारी युग का प्रतिबिंब है। उनके दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति देखी है। चाहे वह आर्थिक विकास और आधारभूत संरचना का विस्तार हो, सामाजिक सशक्तिकरण और तकनीकी उन्नति हो; या फिर वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा तथा हमारी सभ्यतागत चेतना का पुनर्जागरण। इतिहास अब्राहम लिंकन को मानव गरिमा को आगे बढ़ाने और दास प्रथा के अंत के लिए याद करता है। हमारे समय में माननीय प्रधानमंत्री श्रीमान नरेंद्र मोदी जी को समावेशी विकास के माध्यम से 25 करोड़ से अधिक लोगों को अत्यंत गरीबी से बाहर निकालने, तथा करोड़ों परिवारों में आशा, अवसर और सम्मान को पुनर्स्थापित करने के लिए याद किया जाएगा।"
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने आगे लिखा, "भारत की समृद्ध विरासत का उत्सव मनाकर, गुमनाम नायकों का सम्मान कर, सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित कर, औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति दिलाकर और हमारी सभ्यतागत पहचान पर गर्व को सुदृढ़ कर देशवासियों में उन्होंने एक महत्वपूर्ण आत्मविश्वास जागृत किया है। काशी तमिल संगमम और सौराष्ट्र तमिल संगमम जैसे उनके प्रयास, नए संसद भवन में पवित्र सेंगोल की स्थापना, चोल वंश की विरासत को सम्मान देने हेतु गंगैकोंड चोलपुरम की उनकी यात्रा, तथा विदेशों से अमूल्य कलाकृतियों और पुरावशेषों की स्वदेश वापसी ने भारत की सनातन विरासत तथा हमारी भाषाओं, संस्कृतियों, परंपराओं और सभ्यतागत धरोहर की समृद्ध विविधता का उत्सव मनाते हुए उन सभ्यतागत बंधनों को पुनः पुष्ट किया है, जो हमारे राष्ट्र को एक सूत्र में बाँधते हैं।"
उन्होंने अंत में लिखा, "इतिहास के एक निर्णायक क्षण पर माननीय प्रधानमंत्री ने अपने दूरदर्शी नेतृत्व, अथक सेवा और ‘राष्ट्र प्रथम’ के आदर्शों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के साथ भारत की क्षमताओं और आकांक्षाओं में नए आत्मविश्वास का संचार किया है और समकालीन भारत के एक सच्चे युगपुरुष के रूप में उभरे हैं। विकसित भारत @ 2047 की ओर अग्रसर राष्ट्र की ओर से मैं उनके निरंतर राष्ट्रसेवा हेतु अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ व्यक्त करता हूँ।"
उन्हें बधाई देने वालों की लिस्ट बड़ी लंबी है। इनमें भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके, त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर, पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे जैसे कई अन्य लोग शामिल हैं। इस अवसर पर भारत में इजराइल के राजदूत रूवेन अज़ार ने ट्वीट किया, "भारत के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी को बधाई! इजराइल के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे आपके दोस्त पीएम बेंजामिन नेतन्याहू की तरह ही, आपने कई बड़े सुधारों के जरिए भारतीय अर्थव्यवस्था को बदल दिया है और देश को सफलता की राह पर आगे बढ़ाया है!"
प्रधानमंत्री मोदी की इस विशेष उपलब्धि पर कई भाजपा नेताओं ने मंदिरों में जाकर पूजा की और भगवान का आशीर्वाद लिया। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज दिल्ली स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना की। वहीं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने दिल्ली के ही प्रसिद्ध झंडेवालान् मंदिर में जाकर दर्शन किए। इनके अतिरिक्त धर्मेंद्र प्रधान, डॉ. संबित पात्रा और अर्जुन राम मेघवाल महाप्रभु जगन्नाथ मंदिर और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा भी मोती डूंगरी गणेश मंदिर पहुंचे। आज दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी की इस उपलब्धि का जश्न मनाने के लिए नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) की बैठक भी होने जा रही है।