पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हलचल तेज, TMC में टूट की चर्चाओं के बीच सड़कों पर उतरेंगी ममता बनर्जी

ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा के निष्कासन का आदेश मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के उस बयान के तुरंत बाद आया था, जिसमें उन्होंने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि निष्कासित किए गए दोनों विधायकों ने पार्टी के एक पत्र पर हस्ताक्षर की जालसाजी की शिकायत दर्ज कराई थी। इस पत्र में शोभनदेव चट्टोपाध्याय को राज्य विधानसभा में विपक्ष का नेता बनाए जाने का समर्थन किया गया था।

पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हलचल तेज, TMC में टूट की चर्चाओं के बीच सड़कों पर उतरेंगी ममता बनर्जी

ममता बनर्जी चुनावों के बाद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ हुई हिंसा के विरोध में प्रदर्शन करने वाली है।

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Highlights

  • ममता बनर्जी द्वारा बुलाई गई एक बैठक में TMC के 80 में से 60-61 विधायक नहीं पहुंचे।
  • TMC द्वारा ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित किया गया है।
  • ममता ने कहा की अगर कोलकाता में प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी गई, तो हम दिल्ली में प्रदर्शन करेंगे।

पश्चिम बंगाल में इन दिनों राजनीतिक हलचल बहुत तेज हो गई है। हाल ही में हुए चुनावों में सत्ता गंवाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) एक बहुत बड़े संकट से गुजर रही है। इस समय ये चर्चाएं काफी जोरों पर हैं कि, जिस तरह महाराष्ट्र में शिवसेना (SS) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) जैसे राजनीतिक दल टूट गए, कुछ वैसा ही TMC के साथ भी होने जा रहा है।

इस पूरे विवाद की शुरूआत तब हुई, जब ममता बनर्जी द्वारा बुलाई गई एक अहम बैठक में TMC के कई नेता शामिल नहीं हुए। बताया जा रहा है कि पार्टी के 80 में से 60-61 विधायक इस बैठक से गायब रहे। कल ही पार्टी के दो विधायकों, ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा, को पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण निष्कासित किया गया है।

निष्कासन का आदेश मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के उस बयान के तुरंत बाद आया था, जिसमें उन्होंने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि निष्कासित किए गए दोनों विधायकों ने पार्टी के एक पत्र पर हस्ताक्षर की जालसाजी की शिकायत दर्ज कराई थी। इस पत्र में शोभनदेव चट्टोपाध्याय को राज्य विधानसभा में विपक्ष का नेता बनाए जाने का समर्थन किया गया था।

मुख्यमंत्री अधिकारी ने आगे बताया कि TMC के ही 2-3 विधायक कह चुके हैं कि उन्होंने पहले किसी ऐसे प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए। चर्चाएं ये भी चल रही हैं कि ममता बनर्जी के बिना एक नई तृणमूल कांग्रेस भी बन सकती है। अगर ऐसा सच में होता है, तो ये ममता बनर्जी के पॉलिटिकल करियर का सबसे बड़ा झटका हो सकता है।

ताजा घटनाक्रम में, ममता बनर्जी आज कोलकाता के रानी रासमणि रोड पर एक विरोध प्रदर्शन करने वाली हैं। ये प्रदर्शन चुनावों के बाद अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी जैसे नेताओं के खिलाफ हुई हिंसा के विरोध में किया जा रहा है। 2-3 दिन पूर्व अभिषेक बनर्जी पर अंडे, पत्थर फेंके गए और उनके साथ धक्का-मुक्की व मारपीट की गई। बताया जा रहा है कि वो सोनारपुर में हिंसा प्रभावित लोगों से मिलने गए थे। उनके खिलाफ चोर-चोर के नारे भी लगाए गए हैं।

अपने इस विरोध प्रदर्शन पर ममता बनर्जी ने कहा, "अगर आप चाहें तो मुझे गिरफ्तार कर लें। TMC 2 जून को बिना पुलिस की अनुमति, बिना माइक और बिना मंच के भी अपना विरोध प्रदर्शन करेगी। अगर हमें कोलकाता में विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी गई, तो हम दिल्ली में प्रदर्शन करेंगे।" फिलहाल सभी की नजरें पश्चिम बंगाल की राजनीति पर बनी रहेंगी।

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