देशभर में रक्षाबंधन का उल्लास, राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री ने दी बधाई, विश्वनाथ और महाकाल को अर्पित हुई राखी

आज विश्व संस्कृत दिवस भी मनाया जा रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने सभी को संस्कृत में शुभकामनाएं दीं। उनके संदेश का हिंदी अनुवाद इस प्रकार है, "विश्व संस्कृत दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ। आज श्रावण पूर्णिमा के दिन हम संस्कृत की चिरंतन समृद्धि का उत्सव मना रहे हैं। यह भाषा भारत के ज्ञान, चिंतन और सृजनशीलता की निरंतर संवाहक रही है। विभिन्न क्षेत्रों में इसका सकारात्मक प्रभाव आज भी देखने को मिलता है।"

देशभर में रक्षाबंधन का उल्लास, राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री ने दी बधाई, विश्वनाथ और महाकाल को अर्पित हुई राखी

रक्षाबंधन के पावन पर्व पर करें भगवान काशी विश्वनाथ और महाकाल के दिव्य दर्शन।

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Highlights

  • आज विश्व संस्कृत दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी ने संस्कृत के महत्व को याद किया।
  • रक्षाबंधन पर प्रधानमंत्री मोदी ने स्नेह व आपसी विश्वास की डोर अटूट बने रहने की कामना की है।
  • राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा की रक्षाबंधन की परंपरा प्राचीन काल से हमारी संस्कृति का अंग रही है।

देशभर में आज भाई-बहन के अटूट प्यार और विश्वास का पावन पर्व रक्षाबंधन बड़े ही हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। इस खास मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी देशवासियों को बधाईयां दीं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, "रक्षाबंधन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। यह पावन पर्व आप सभी के जीवन में खुशहाली, समृद्धि और सफलता लेकर आए। स्नेह, अपनत्व और आपसी विश्वास की डोर सदैव अटूट बनी रहे, यही कामना है।" 

आज विश्व संस्कृत दिवस भी मनाया जा रहा है। इस अवसर पर उन्होंने सभी को संस्कृत में शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, "विश्व संस्कृत दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ। आज श्रावण पूर्णिमा के दिन हम संस्कृत की चिरंतन समृद्धि का उत्सव मना रहे हैं। यह भाषा भारत के ज्ञान, चिंतन और सृजनशीलता की निरंतर संवाहक रही है। विभिन्न क्षेत्रों में इसका सकारात्मक प्रभाव आज भी देखने को मिलता है। इस विशेष अवसर पर भारत और विश्वभर में संस्कृत का अध्ययन करने वाले, इसे पढ़ाने वाले तथा इसमें निहित कालातीत ज्ञान-निधि को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने के लिए प्रयासरत सभी लोगों की हम सराहना करते हैं।"

राष्ट्रपति मुर्मू ने भी रक्षाबंधन पर अपने बधाई संदेश में लिखा, "मैं देश-विदेश में रहने वाले सभी भारतीयों को रक्षा-बंधन के पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं। रक्षा-बंधन की पावन परंपरा, प्राचीन काल से, हमारी उपासना और संस्कृति का अंग रही है। श्रद्धापूर्वक हाथ पर बांधे गए धागे को, रक्षा हेतु पवित्र सूत्र- बंधन, यानी रक्षा-बंधन माना गया है। अनेक श्लोकों और मंत्रों में, 'रक्षै, मा चल, मा चल' इन शब्दों में अनुरोध किया जाता है कि 'हे रक्षा रूपी बंधन, तुम सदैव अचल रहो।'

समय के साथ, रक्षा-बंधन, बहन की रक्षा के लिए भाई के हाथ पर राखी बांधने के भावपूर्ण सामाजिक पर्व के रूप में लोकप्रिय हुआ। यह पर्व भाई-बहनों, मित्रों तथा परिवार और समाज के विभित्र सदस्यों के बीच आत्मीयता, सम्मान और एक-दूसरे के प्रति उत्तरदायित्व के भाव को सुदृढ़ करता है। यह पर्व हमें याद दिलाता है कि जीवन के हर रिश्ते की नींव विश्वास, संवेदनशीलता और परस्पर सहयोग पर आधारित होती है। आइए, रक्षा-बंधन के शुभ अवसर पर, हम समाज और देश की रक्षा के लिए संकल्प लें। साथ ही, इसी भावना के साथ विकसित भारत के निर्माण के लिए आगे बढ़ते रहें।"

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में रक्षाबंधन पर मंगला आरती के दौरान भगवान श्री विश्वेश्वर को राखी अर्पित की गई। मध्य प्रदेश के उज्जैन में भी भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल को विशेष रूप से तैयार की गई राखी अर्पित की गई।

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