नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही, 626 लोगों की मौत, 2,300 से अधिक सुरक्षित निकाले गए

आपदा का सबसे भीषण असर चितवन जिले में देखा गया, जहां सर्वाधिक 230 से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गंवाई। नवलपरासी (पूर्व) में 150 से अधिक लोगों की मौत हुई है। वहीं नवलपरासी (पश्चिम) और गोरखा में 45 से ज्यादा, नुवाकोट में 41, धादिङ में 40 से अधिक, तनहुँ में 30 से अधिक और रसुवा में 10 से ज्यादा लोगों की मौत दर्ज की गई है।

नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही, 626 लोगों की मौत, 2,300 से अधिक सुरक्षित निकाले गए

इस बाढ़ से हुई तबाही से उबरने में नेपाल को लंबा समय लग सकता है।

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Highlights

  • रिपोर्ट्स के मुताबिक 2,000 लोग अभी भी लापता है।
  • बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव कार्यों के लिए 4,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात है।
  • महाराष्ट्र के 106 और तमिलनाडु के 21 तीर्थयात्री सुरक्षित भारत लौट आए है।

नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ से देश भर में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। नेपाल पुलिस के अनुसार, अब तक 626 लोगों के शव निकाले जा चुके हैं और 2,300 से ज्यादा लोगों को बचाया जा चुका है। खबरों के अनुसार, 2,000 लोग अब भी लापता हैं। आपदा का सबसे भीषण असर चितवन जिले में देखा गया, जहां सर्वाधिक 230 से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गंवाई। 

नवलपरासी (पूर्व) में 150 से अधिक लोगों की मौत हुई है। वहीं नवलपरासी (पश्चिम) और गोरखा में 45 से ज्यादा, नुवाकोट में 41, धादिङ में 40 से अधिक, तनहुँ में 30 से अधिक और रसुवा में 10 से ज्यादा लोगों की मौत दर्ज की गई है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्यों के लिए 4,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।

आज, चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर तमिलनाडु के मंत्रियों एन. आनंद और डी. सरथकुमार ने राज्य के 21 तीर्थयात्रियों के समूह का स्वागत किया। इन सभी को नेपाल में आई बाढ़ से सुरक्षित निकाल लिया गया था। इससे पहले, यह समूह नेपाल से नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुँचा था, जहाँ विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने उनसे मिलकर उनके अनुभव सुने। इसके अलावा, भारत से तीसरी फ्लाइट काठमांडू पहुंच गई है। 

वहां राहत सामग्री और 11 सदस्यों वाली मेडिकल और टनल रेस्क्यू टीम को तैनात किया गया है। बिहार सरकार और सीतामढ़ी जिला प्रशासन की तत्परता से, महाराष्ट्र के 106 तीर्थयात्री, जो बाढ़ के कारण काठमांडू में फंसे हुए थे, उन्हें सुरक्षित बाहर निकालकर महाराष्ट्र वापस भेजा गया। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात सीतामढ़ी होते हुए नेपाल से पटना पहुंचने के बाद, तीर्थयात्री शनिवार सुबह ट्रेन से नागपुर के लिए रवाना हुए।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने X पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा, नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में फँसे महाराष्ट्र के नागरिक सुरक्षित भारत लौट आए हैं और अब महाराष्ट्र वापस आ रहे हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ वीडियो कॉल के दौरान, उन्होंने महाराष्ट्र सरकार और मुख्यमंत्री कार्यालय का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने तेजी से कार्रवाई और हस्तक्षेप करके उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की।

नागरिकों से बात करते हुए, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के प्रयासों से ही उन्हें समय पर बचाया जा सका और वे भारत लौट पाए। इन नेताओं ने सुनिश्चित किया कि उन्हें तुरंत मदद मिले।

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