भीषण बाढ़ से नेपाल बेहाल, 469 मृत, 977 लापता, 1,500 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू

इस त्रासदी में चितवन जिले को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है, जहाँ अब तक 178 शव बरामद किए जा चुके हैं। नवलपरासी (पूर्व), गोरखा, नुवाकोट, धाडिंग और रसुवा जैसे अन्य जिले भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

भीषण बाढ़ से नेपाल बेहाल, 469 मृत, 977 लापता, 1,500 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू

इस जबरदस्त बाढ़ ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है।

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Highlights

  • नेपाल में 7 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी राहत तथा बचाव में तैनात है।
  • अब तक 84 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
  • प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने राहत और पुनर्निर्माण को लेकर कैबिनेट बैठक बुलाई है।

नेपाल ने कुदरत का भयानक कहर देखा है। हाल ही में आई जबरदस्त बाढ़ ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। खबरों के मुताबिक, इस आपदा में मृतकों की संख्या बढ़कर 469 हो गई है। राहत और बचाव टीमों ने 1,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित बचा लिया है, लेकिन हालात अभी भी बहुत गंभीर बने हुए हैं। खबरों से पता चलता है कि लगभग 977 लोग अभी भी लापता हैं।

इस त्रासदी में चितवन जिले को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है, जहाँ अब तक 178 शव बरामद किए जा चुके हैं। नवलपरासी (पूर्व), गोरखा, नुवाकोट, धाडिंग और रसुवा जैसे अन्य जिले भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। जानकारी के अनुसार, राहत और बचाव कार्यों के लिए 7,000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। वे मुश्किल हालात में मलबे के बीच लोगों की तलाश कर रहे हैं और उन्हें बचा रहे हैं।

नेपाल के त्रिशूली की एक स्थानीय महिला ने मीडिया को अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि, "सभी लोग सुरक्षित बच निकले। हम गहरे कीचड़ में फँस गए थे। हमने सब कुछ खो दिया, अपने घर, दुकानें और सामान। हमें जरा भी अंदाजा नहीं था कि ऐसा कुछ होने वाला है। हम अपने कामों में लगे हुए थे। शुरू में, हमने बस लोगों को आते-जाते देखा और सोचा कि यह सामान्य बात है। लेकिन जब हमने त्रिशूली और धोबी खोला का पानी 50 फीट ऊँचा उठते देखा, तो हम भागने लगे। हम फँस गए। कई लोग बह गए। पूरा बाजार इलाका बह गया। अब त्रिशूली बाजार इलाके में एक भी व्यक्ति नहीं बचा है। हम किसी तरह बच निकले।"

इस बीच, भारत के लिए भी अच्छी खबर है। तमिलनाडु के 21 निवासी, जिन्हें बाढ़ प्रभावित इलाकों से बचाया गया था, काठमांडू पहुँच गए हैं। नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने उनका हाल-चाल जाना। वे जल्द ही भारत लौटने वाले हैं। त्रिशूली-I प्रोजेक्ट से भी 63 लोगों को बचाया गया है। इस तरह, कुल 84 भारतीयों को बचाया गया है।

ताजा घटनाक्रम में, नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की एक फेसबुक पोस्ट के अनुसार, "माननीय प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह द्वारा बुलाई गई कैबिनेट की बैठक शुरू हो गई है। यह बैठक सिंह दरबार स्थित प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद के कार्यालय में शुरू हुई। माननीय प्रधानमंत्री ने यह बैठक इस महीने की 10 तारीख को भोटेकोशी, रसुवा में आई विनाशकारी बाढ़ से हुए नुकसान, बचाव, राहत और पुनर्निर्माण के संबंध में जरूरी और महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए बुलाई है। बैठक में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण को आगे बढ़ाने पर चर्चा की जाएगी।"

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