ममता बनर्जी को लगा झटका, TMC सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने पार्टी के सभी पदों से दिया इस्तीफा

बता दें कि डॉ. काकोली घोष दस्तीदार, 2009 से बारासात सीट से सांसद हैं। उनके पति डॉ. सुदर्शन घोष दस्तीदार भी महिषादल विधानसभा क्षेत्र से TMC के विधायक रह चुके हैं। देखने वाली बात होगी कि वो TMC नहीं छोड़ने वाली बात पर कायम रहेंगी या निकट भविष्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) का हाथ थामेंगी।

ममता बनर्जी को लगा झटका, TMC सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने पार्टी के सभी पदों से दिया इस्तीफा

काकोली घोष दस्तीदार को ममता बनर्जी की सबसे करीबी सहयोगियों में से एक माना जाता हैं।

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Highlights

  • डॉ. काकोली घोष दस्तीदार लोकसभा में TMC की चीफ व्हिप के तौर पर काम कर चुकी है।
  • अपने त्यागपत्र में उन्होंने भ्रष्टाचार और आर. जी. कर मेडिकल कॉलेज केस का भी उल्लेख किया।
  • हालांकि डॉ. काकोली ने ये भी साफ तौर पर लिखा है की वो TMC नहीं छोड़ने वाली है।

पश्चिम बंगाल की राजनीति से बड़ी खबर सामने आई है। 2026 के विधानसभा चुनावों में करारी हार के बाद, कई नेता-कार्यकर्ता अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) छोड़ रहे हैं। इसी कड़ी में पार्टी की एक अत्यंत अनुभवी सांसद और चीफ व्हिप रह चुकी डॉ. काकोली घोष दस्तीदार ने भी पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। इससे पूर्व वो तृणमूल महिला कांग्रेस की अध्यक्ष के तौर पर भी काम कर चुकी हैं। अपने त्यागपत्र में उन्होंने लिखा, "मेरे कार्यकाल के दौरान, एक और पढ़ी-लिखी महिला सांसद का अन्य महिला सांसदों के साथ गलत बर्ताव रोकना मुमकिन नहीं हो पाया, न ही उच्च नेतृत्व से सहयोग या हमदर्दी मिली। ऐसे पद पर बने रहने का अब कोई मतलब नहीं है।"

उन्होंने आगे लिखा, "पिछले एक दशक में, पश्चिम बंगाल और पार्टी से जुड़े कई गंभीर आरोपों और घटनाओं ने मेरी अंतरात्मा को बहुत परेशान किया है। राशन वितरण में भ्रष्टाचार, शिक्षकों की भर्ती में भ्रष्टाचार और विभिन्न वित्तीय तथा प्रशासनिक अनियमितताओं ने आम लोगों के मन में गहरा गुस्सा और अविश्वास पैदा कर दिया है। इसके अलावा, आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज में एक महिला डॉक्टर की अप्राकृतिक मृत्यु और उस घटना से जुड़े सबूतों के साथ छेड़छाड़ के आरोपों ने समाज को हिलाकर रख दिया है और उसे व्यथित कर दिया है। मैंने व्यक्तिगत रूप से इन घटनाओं के  प्रभाव को बहुत गहराई से महसूस किया है।"

डॉ. दस्तीदार ने आगे लिखा कि, "इसी तरह, I-PAC से जुड़े कई आरोपों ने मुझे लगातार परेशान किया है। मेरा मानना ​​है कि अगर लोकतांत्रिक राजनीतिक संस्कृति के बजाय संगठन पर धीरे-धीरे अपारदर्शी और गैर-लोकतांत्रिक असर हावी हो जाते हैं, तो इसे पार्टी के आदर्शों और परंपराओं के लिए फायदेमंद नहीं माना जा सकता। मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहती हूँ कि यह निर्णय किसी व्यक्तिगत शिकायत या मनमुटाव के कारण नहीं लिया गया है। बल्कि, मैं यह निर्णय पार्टी, लोकतंत्र और सार्वजनिक जीवन के प्रति अपनी नैतिक जिम्मेदारी निभाते हुए ले रही हूँ। हालाँकि, मैं पार्टी नहीं छोड़ रही हूँ। अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में, मैं लोगों के साथ खड़े रहने और बंगाल के हित में काम करने के अपने संकल्प पर कायम रहूँगी।"

बता दें कि डॉ. काकोली घोष दस्तीदार, 2009 से बारासात सीट से सांसद हैं। उनके पति डॉ. सुदर्शन घोष दस्तीदार भी महिषादल विधानसभा क्षेत्र से TMC के विधायक रह चुके हैं। देखने वाली बात होगी कि वो TMC नहीं छोड़ने वाली बात पर कायम रहेंगी या निकट भविष्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) का हाथ थामेंगी।

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