तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने एक इंटरव्यू में दावा किया कि उनकी पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कळगम (DMK) 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों में 200 से ज्यादा सीटें जीत सकती है। उन्होंने कहा कि पिछले 5 सालों में उनकी सरकार ने कई जनकल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं। इनमें महिलाओं के लिए बसों में मुफ्त यात्रा, करीब 2 लाख किसानों को मुफ्त बिजली कनेक्शन, कलईग्नार मगलिर उरीमाई थोगई थीत्तम (Kalaignar Magalir Urimai Thogai Thittam) के तहत महिलाओं को हर महीने 1000 रूपए की मदद और स्कूल के बच्चों के लिए नाश्ता जैसी योजनाएं शामिल हैं।
उन्होंने विपक्षी पार्टी ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कळगम (AIADMK) पर आरोप लगाया कि वह दिल्ली के इशारों पर काम कर रही है। महिला आरक्षण के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री स्टालिन ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उनका कहना है कि सरकार इस मुद्दे को लागू करने के बजाय राजनीति के लिए इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आरक्षण बिना किसी देरी के लागू होना चाहिए और इसे परिसीमन से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। साथ ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर आरोप लगाया कि उसका मुख्य एजेंडा अल्पसंख्यकों को डराना है। उन्होंने कहा कि पहले CAA लागू किया गया और बाद में वक्फ कानून में बदलाव किए गए। सीट शेयरिंग को लेकर उन्होंने कहा कि इस मामले में सभी बातचीत अच्छे से पूरी हो चुकी है।
कुछ समय पहले राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ई. के. पलानीस्वामी ने आरोप लगाया था कि 2021 के बाद राज्य की सत्ता सिर्फ कुछ लोगों के हाथ में है, जिनमें स्टालिन की पत्नी, उनके बेटे और उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन और दामाद वी. सबरीसन शामिल हैं। इस पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा कि ये आरोप पूरी तरह गलत और बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की बातें सिर्फ लोगों का ध्यान सरकार के काम से हटाने के लिए कही जा रही हैं।