आम आदमी पार्टी ने सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटाया

राघव ने हाल ही में पितृत्व अवकाश (Paternity Leave) को एक कानूनी अधिकार बनाने की मांग उठाई थी। उनका कहना था कि जन्म के बाद बच्चे की देखभाल की जिम्मेदारी केवल मां की ही नहीं होनी चाहिए। बच्चे के पिता की भी उतनी ही महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

आम आदमी पार्टी ने सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटाया

उन्होंने सदन में कुछ ऐसे मुद्दों को उठाया, जिन पर शायद हर नेता का ध्यान नहीं गया था।

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Highlights

  • AAP ने राघव चड्ढा के स्थान पर अशोक कुमार मित्तल को पार्टी का उपनेता बनाया है।
  • अटकलें लगाई जा रही है की राघव चड्ढा पार्टी लाइन से अलग चल रहे थे।
  • राघव चड्ढा राज्यसभा में एक एक्टिव सांसद के तौर पर दिखाई दिए है।

राज्यसभा से एक बेहद ही चौंकाने वाली खबर सामने आई है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटा दिया है। पार्टी ने इस मामले में राज्यसभा सचिवालय को एक पत्र भी सौंपा है। AAP ने राज्यसभा सचिवालय को सूचित किया है कि राघव को संसद में पार्टी कोटे से बोलने का समय भी नहीं दिया जाए। इसके अलावा, उनके स्थान पर सांसद और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के चांसलर अशोक कुमार मित्तल को पार्टी का उपनेता नियुक्त किया गया है। संजय सिंह अब भी राज्यसभा में अपने दल के फ्लोर लीडर के पद पर बने हुए हैं। राघव इस समय पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं। वहीं राज्यसभा में पार्टी के कुल 10 सांसद हैं

हालांकि उन्हें पद से हटाने का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है, लेकिन इस कार्रवाई के पीछे कुछ अटकलें जरूर लगाई जा रही हैं। दरअसल जब शराब घोटाले मुद्दे पर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को जमानत मिली थी, तब उनकी ओर से कोई भी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। इसके अलावा ये भी बताया जा रहा है कि चड्ढा पार्टी द्वारा चाहे गए मुद्दों को नहीं उठा रहे थे, बल्कि अपने खुद के तैयार किए गए मुद्दों को आगे बढ़ा रहे थे। उन पर पार्टी लाइन से अलग चलने के आरोप भी लगते रहे हैं। हालांकि राज्यसभा में राघव एक एक्टिव सांसद के तौर पर नजर आते रहे हैं। 

उन्होंने सदन में कुछ ऐसे मुद्दों को उठाया, जिन पर शायद हर नेता का ध्यान नहीं गया। राघव ने हाल ही में पितृत्व अवकाश (Paternity Leave) को एक कानूनी अधिकार बनाने की मांग उठाई थी। उनका कहना था कि जन्म के बाद बच्चे की देखभाल की जिम्मेदारी केवल मां की ही नहीं होनी चाहिए। बच्चे के पिता की भी उतनी ही महत्वपूर्ण भूमिका होती है। साथ ही पिता को अपने बच्चे की देखभाल करने और अपनी नौकरी बचाने के बीच किसी एक को चुनने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए। एक मां को भी, बच्चे को जन्म देने और उसके बाद ठीक होने की प्रक्रिया से, अपने पति के सहारे के बिना नहीं गुज़रना चाहिए। इसके अलावा राघव चड्ढा ने एयरपोर्ट पर महंगे खाने का मुद्दा भी उठाया था और देश के सभी एयरपोर्ट पर उड़ान कैफे की मांग की थी। 

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