केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पुस्तक "अपनापन: नरेंद्र मोदी के साथ मेरे अनुभव" का आज विमोचन किया गया। भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू और पूर्व प्रधानमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा इस पुस्तक का विमोचन किया गया। ये समारोह नई दिल्ली स्थित नेशनल एग्रीकल्चर साइंस कॉम्प्लेक्स (NASC) में हुआ।
इस अवसर पर कई केंद्रीय मंत्री, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, जन प्रतिनिधि और विशिष्ट अतिथि उपस्थित थे। इनमें विष्णु देव साय, डॉ. माणिक साहा, रेखा गुप्ता, पुष्कर सिंह धामी, एन. लोकेश, के. राम मोहन नायडू और इंदौर से लोकसभा सांसद शंकर लालवानी जैसे नाम प्रमुख रहे।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विधानसभा स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय एवं विश्वास सारंग भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। विमोचन के दौरान एम. वेंकैया नायडू ने कहा कि, "पुस्तक के विमोचन के इस खास मौके पर, यह सोचा गया कि किसान के बेटे होने के नाते, दूसरे किसान के बेटों को भी बुलाया जाना चाहिए। इसीलिए एच. डी. देवेगौड़ा, मैं और शिवराज सिंह चौहान एक साथ मौजूद थे, धरती के बेटे और किसान के बेटे और हमें उस समुदाय से होने पर गर्व है।"
पूर्व प्रधानमंत्री देवेगौड़ा ने भी इस कार्यक्रम में अपने विचार साझा करते हुए कहा कि शिवराज सिंह चौहान के प्रति मेरे मन में हमेशा से ही एक विशेष स्नेह रहा है, क्योंकि वे कृषि मंत्रालय से जुड़े हुए हैं और यह मंत्रालय मेरे दिल के बहुत करीब है। भारतीय राजनीति में मेरी पहचान काफी हद तक किसानों, कृषि नीतियों और शिक्षा के साथ मेरे जुड़ाव से ही बनी है। जैसा कि आप सभी जानते हैं, मैं भी एक किसान परिवार से ही आता हूँ। कृषि से जुड़ा यही कनेक्शन शिवराज सिंह चौहान और मेरे बीच एक विशेष बंधन बनाता है।"
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी इस समारोह को संबोधित किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने कुछ अनुभवों को भी साझा किया। 1991 में आयोजित की गई एकता यात्रा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा "आतंकवाद अपने चरम पर था। कोई सोच भी नहीं सकता था कि कश्मीर घाटी में, कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराया जाएगा। डॉ. मुरली मनोहर जोशी भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष थे।"
उन्होंने आगे बताया, "BJP ने फैसला किया कि एकता यात्रा का नेतृत्व वो करेंगे और श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराया जाएगा। इस यात्रा को संचालित करने की जिम्मेदारी नरेंद्र मोदी जी को सौंपी गई। जब मै पहली बार नरेंद्र भाई से मिला। उस पहली मुलाकात में, मैंने उनके विचार देखे। आम लोगों तक पहुंचना, लोगों को एकजुट करना और उनमें देशभक्ति की भावना जगाना। उन्होंने कहा कि तिरंगा सिर्फ श्रीनगर के लाल चौक पर ही नहीं फहराया जाएगा। तिरंगा देश के हर नागरिक के दिल में लहराना चाहिए।"
उन्होंने एक और दिलचस्प घटना का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि, "चुनाव की तैयारियों के लिए एक मीटिंग बुलाई गई थी। उस मीटिंग में नरेंद्र भाई ने पूछा, बताइए, आप में से किसकी ईमेल ID है? लोग एक-दूसरे का चेहरा देखने लगे। कुछ पल की खामोशी छाई रही, फिर स्वर्गीय बाबूलालजी गौर, जो बाद में मुख्यमंत्री बने, उन्होंने कहा, नरेंद्र भाई, इस 'फीमेल ईमेल' से क्या होने वाला है? उन्हें पता था कि भारत के भविष्य को संवारने और एक विकसित भारत बनाने के लिए टेक्नोलॉजी बहुत जरूरी है। उस समय ही उन्होंने टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को समझ लिया था। वे बहुत दूर तक देख सकते थे और समय से पहले ही इंतजाम करने में जुट जाते थे।"