इस वक्त पश्चिम बंगाल का राजनीतिक घटनाक्रम लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। विधानसभा चुनावों के बाद कई हैरान करने वाली खबरें सामने आ रही हैं। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता या तो पार्टी छोड़ रहे हैं, या फिर बगावती तेवर अपनाए हुए हैं। एक समय सबसे मजबूत विपक्षी नेताओं में गिनी जाने वाली ममता बनर्जी, आज अपने राजनीतिक भविष्य के लिए संघर्ष कर रही हैं। इसी बीच सूत्रों द्वारा ये खबर सामने आ रही है कि, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से संपर्क किया है और उन्हें अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय करने का प्रस्ताव दिया है। यदि सच में TMC का कांग्रेस में विलय हुआ, तो इस स्थिति में ममता बनर्जी को कांग्रेस संगठन में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का पद दिया जा सकता है।
दूसरी ओर, TMC के राष्ट्रीय महासचिव के तौर पर काम कर रहे अभिषेक बनर्जी को भी कांग्रेस में महासचिव पद दिया जा सकता है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि ममता बनर्जी ने इस पर निर्णय लेने के लिए कुछ दिनों का समय मांगा है। ममता बनर्जी बीते सोमवार INDIA गठबंधन की बैठक में भी हिस्सा ले चुकी हैं। इसके बाद वो सोनिया गांधी से भी मुलाकात कर चुकी हैं। आज राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी भी एक-दूसरे से मिले। सूत्रों की मानें तो, ममता बनर्जी को राज्यसभा भेजने और वहां उन्हें विपक्ष का नेता बनाए जाने की मांग रखी गई है। हालांकि जब तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं होती, तब तक किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता है।
एक अन्य घटनाक्रम में बताया जा रहा है कि, TMC की दो महिला नेताएं, माला रॉय और सायोनी घोष भी बागी TMC गुट का हाथ थाम चुकी हैं। माला रॉय 2019 से कोलकाता दक्षिण, वहीं सायोनी घोष भी 2024 से जादवपुर लोकसभा सीट से सांसद हैं। खबरों की मानें तो सायोनी ने डॉ. काकोली घोष दस्तीदार से संपर्क किया, अलग हुए गुट को अपना समर्थन दिया और उस गुट के समर्थन वाले कागजों पर हस्ताक्षर भी किए। सायोनी को 2021 में तृणमूल यूथ कांग्रेस की अध्यक्ष बनाया गया था। वहीं माला रॉय भी TMC की एक बड़ी पुरानी नेता रही हैं। वो 1995 से कोलकाता नगर निगम (KMC) के वार्ड नं. 88 से पार्षद हैं। इसके अलावा वो KMC की चेयरपर्सन के तौर पर भी काम कर चुकी हैं। इतनी अनुभवी नेता का TMC का साथ छोड़ना, पार्टी के भीतर चल रहे संकट को और गहरा कर देगा।