पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। 2026 के चुनावों के दौरान एक पॉलिटिकल रैली में भड़काऊ और सांप्रदायिक बयान देने के मामले में तृणमूल कांग्रेस TMC सुप्रीमो ममता बनर्जी के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। यह FIR कोलकाता के नेताजी नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता तुषार कांति दास ने आरोप लगाया कि ये बयान भड़काऊ थे और इनसे सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने का खतरा था। शिकायत में कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। इसमें कहा गया है कि इन टिप्पणियों से अलग-अलग समुदायों के बीच डर, असुरक्षा और तनाव पैदा हो सकता है, साथ ही सार्वजनिक सद्भाव और लोकतांत्रिक माहौल पर भी बुरा असर पड़ सकता है।
एक तरफ जहां अन्य TMC नेता पार्टी छोड़ रहे हैं अथवा बगावत कर रहे हैं, तो वहीं दिग्गज अभिनेता और सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि, "मैं ममता दीदी के साथ था, ममता दीदी के साथ हूँ और हमेशा ममता दीदी के साथ रहूँगा। न तो अभिषेक बनर्जी और न ही कोई और मेरा नेता है। मेरी नेता सिर्फ ममता बनर्जी हैं। यह एकता दिखाने और ममता बनर्जी के साथ खड़े होने का समय था, यह उन्हें छोड़ने का समय नहीं था। ममता बनर्जी एक परिपक्व और अनुभवी नेता हैं।"
जब उनसे पूछा गया कि क्या NDA में शामिल होने के लिए BJP या दूसरे गुट ने उनसे संपर्क किया है, तब उन्होंने कहा कि, "मै किसी का नाम नहीं लूंगा। मैं लगभग 30 साल तक BJP में रहा हूं। पार्टी के बहुत वरिष्ठ नेताओं ने मुझे प्रशिक्षित किया है। अगर उन्होंने मेरे बारे में कुछ कहा होगा, तो वह अच्छी नीयत से ही कहा होगा। लेकिन मेरे लिए ममता बनर्जी के साथ रहना ही सबसे अच्छा है। मैं हमेशा ममता बनर्जी के साथ रहूंगा। भले ही मैं अकेला रह जाऊं, मैं बस 'एक्ला चलो' कहूंगा और उनके साथ रहूंगा। अभी कहीं और जाने का मेरा कोई इरादा नहीं है।"