लोकसभा में आज संविधान (131 वां) संशोधन बिल, परिसीमन बिल और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल पर आज शाम 4 बजे वोटिंग होगी। संविधान में संशोधन के लिए दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होती है। नंबर गेम की बात करें, तो लोकसभा में नेशनल डेमोक्रेटिक अलायन्स (NDA) से कुल 292 सांसद हैं, जिनमें प्रमुख दलों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सर्वाधिक 240, तेलुगू देशम पार्टी (TDP) के 16, जनता दल यूनाइटेड (JDU) के 12, शिवसेना (SS) के 7, लोक जनशक्ति पार्टी-राम विलास (LJP-RV) के 5 सांसद और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) का एक सांसद है। खबर है कि YSR कांग्रेस पार्टी (YSRCP) भी इन बिलों पर सरकार को समर्थन देगी, जिससे ये संख्या 296 तक पहुंच जाएगी। बात करें विपक्षी गठबंधन की, तो इसमें कुल 232 सांसद हैं।
इनमें प्रमुख पार्टियों में कांग्रेस के 100, समाजवादी पार्टी (SP) के 37, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 28, द्रविड़ मुन्नेत्र कळगम (DMK) के 22, शिवसेना-उद्धव बाळासाहेब ठाकरे (SS-UBT) के 9 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार (NCP-SP) के 8 सांसद हैं। दो-तिहाई बहुमत 362 है, जो दोनों ही गठबंधनों के पास नहीं है। हालांकि यदि TMC, SP अथवा DMK जैसे दल यदि वोटिंग से एब्सटेन रहते हैं, तो जरूर केंद्र सरकार को इसका फायदा मिल सकता है। आज विपक्षी नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के कक्ष में मुलाकात की। उन्होंने संसद सत्र से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा भी की।
बात करें राज्यसभा की, तो यहां नॉमिनेटेड सदस्यों को मिलाकर NDA के पास कुल 139 सांसद हैं, जिनमें BJP के पास सर्वाधिक 106, ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कळगम (AIADMK) और JDU के पास 5, NCP के पास 4 और TDP के पास 2 सांसद हैं। YSRCP के सरकार को समर्थन के बाद ये आंकड़ा 145 तक पहुंच जाएगा। विपक्षी गठबंधन में कुल 75 सांसद हैं, जिनमें कांग्रेस के 29, TMC के 13, DMK के 8 और SP के 4 सदस्य हैं। फिलहाल राज्यसभा में सभी पार्टियों को मिलाकर कुल 250 लोग हैं और दो-तिहाई बहुमत 163-164 है और एक बार फिर दोनों गठबंधनों के पास नहीं है। ऐसे में किसी का दल का वोटिंग से बचना या बीजू जनता दल (BJD), आम आदमी पार्टी (AAP) जैसी अन्य पार्टियों का सपोर्ट यहां निर्णायक भूमिकाएं निभा सकता है। BJD के पास 6 और AAP के पास 10 सांसद हैं।