28 जून, रविवार का दिन भारतीय क्रिकेट के लिए निराशाजनक रहा। एक तरफ जहां पुरुष टीम आयरलैंड से T20 सीरीज 2-0 से हार गई, वहीं महिला टीम ऑस्ट्रेलिया से हारकर T20 वर्ल्ड कप से बाहर हो गई। T20 वर्ल्ड कप की बात करें, तो कल भारत का मुकाबला छह बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया से था। सेमीफाइनल में पहुँचने के लिए यह मैच जीतना जरूरी था।
भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। इतने बड़े मैच में टीम की गति धीमी रही। पहला विकेट 66 रन पर गिरा, लेकिन तब तक 9.1 ओवर हो चुके थे। शेफाली वर्मा ने 34 रन की उम्दा पारी खेली। स्मृति मंधाना ने भी 38 रन बनाए, हालाँकि उन्होंने इसके लिए 37 गेंदें खेलीं। जेमिमा रोड्रिग्स (34) ने भी रन गति बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने कसी हुई गेंदबाजी से भारतीय बल्लेबाजों को रोके रखा। आखिरी ओवर में, कप्तान हरमनप्रीत कौर (56) ने लगातार तीन छक्के जड़े और दीप्ति शर्मा ने एक चौका मारा, जिससे भारत का स्कोर 20 ओवर में 4 विकेट पर 170 रन हो गया। ऑस्ट्रेलिया की ओर से सोफी मोलिन्यू ने सर्वाधिक दो विकेट झटके।
171 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत खराब रही और जॉर्जिया वोल 4 रन पर आउट हो गईं। बेथ मूनी (22) और फोबे लिचफील्ड (24) भी तेजी से रन बनाने के लिए संघर्ष करती दिखीं। एक समय टीम का स्कोर 3 विकेट पर 68 रन था और ऐसा लग रहा था कि मैच भारत के पक्ष में जा सकता है। लेकिन एलिस पेरी (56) और एशले गार्डनर (53) के इरादे कुछ और ही थे। दोनों ने चौथे विकेट के लिए शानदार 100 रन की साझेदारी की और मैच को भारत की पकड़ से दूर कर दिया। आखिरकार, जॉर्जिया वेयरहैम ने विनिंग बाउंड्री लगाकर ऑस्ट्रेलिया की जीत पक्की कर दी। शानदार प्रदर्शन के लिए एलिस पेरी को 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। भारत की ओर से श्री चरणी ने दो विकेट लिए, जबकि रेणुका सिंह ठाकुर और दीप्ति शर्मा ने एक-एक विकेट हासिल किया।
ऑस्ट्रेलिया ने अपने पांचों मैच जीतकर ग्रुप स्टेज में पहला स्थान हासिल किया। वहीं, दक्षिण अफ्रीका 8 पॉइंट्स के साथ दूसरे नंबर पर रहा और सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया। भारत 6 पॉइंट्स के साथ तीसरे नंबर पर रहा। ग्रुप-बी से इंग्लैंड और वेस्टइंडीज ने भी अंतिम-4 में जगह बनाई है। ऑस्ट्रेलिया अगर इसी तरह खेलता रहा, तो वो एक बार फिर वर्ल्ड कप पर अपना कब्जा जमा सकते हैं।