अमित शाह ने गुजरात में लॉन्च की देश की पहली सहकारिता आधारित भारत टैक्सी सेवा

गृह मंत्री ने बताया कि भारत टैक्सी को पहले ही कई जगहों पर ट्रायल के तौर पर शुरू किया जा चुका है और आज इसे गुजरात में औपचारिक रूप से लॉन्च किया जा रहा है। आज से, भारत टैक्सी ने गुजरात के सभी बड़े शहरों में टू-व्हीलर, ऑटो-रिक्शा और फोर-व्हीलर के साथ अपना कामकाज आधिकारिक तौर पर शुरू कर दिया है।

अमित शाह ने गुजरात में लॉन्च की देश की पहली सहकारिता आधारित भारत टैक्सी सेवा

उद्घाटन के बाद अमित शाह ने खुद 'भारत टैक्सी' में सफर किया।

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Highlights

  • सूरत, वडोदरा, अहमदाबाद और जामनगर समेत गुजरात के 14 बड़े शहरों में इसे लॉन्च किया गया है।
  • प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो के मुताबिक देश भर के 7 लाख सारथियों में से 1.5 लाख से अधिक गुजरात से जुड़े है।
  • अमित शाह के अनुसार भारत टैक्सी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है की हमारे सारथी एवं ग्राहकों का शोषण न हो।

गुजरात के गांधीनगर में आज केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 'भारत टैक्सी' का शुभारंभ किया। इस लॉन्च इवेंट के दौरान मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी समेत कई अन्य लोग भी वहां उपस्थित रहे। भारत टैक्सी ने अपने X अकाउंट पर कुछ तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, "गुजरात में भारत टैक्सी के ऐतिहासिक शुभारंभ का उद्घाटन माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी ने किया। उद्घाटन के पश्चात उन्होंने स्वयं पहली सवारी कर गुजरात में सहकारी मोबिलिटी के एक नए युग का शुभारंभ किया। इस ऐतिहासिक अवसर के हजारों सारथी साक्षी बने और सहकार के इस नए अध्याय का स्वागत किया।"

फिलहाल गुजरात के 14 बड़े शहरों में इसे लॉन्च किया गया है, जिनमें सूरत, वडोदरा, अहमदाबाद, द्वारका, सोमनाथ, जामनगर, जूनागढ़, राजकोट, भावनगर, वलसाड, आणंद, नडियाद, अमरेली और मेहसाणा शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य एक महीने के अंदर इसे पूरे राज्य में शुरू करना है। प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) के अनुसार, देश भर में मौजूद 7 लाख 'सारथियों' (ड्राइवरों/पार्टनर्स) में से 1.5 लाख से ज्यादा गुजरात से जुड़े हैं और पूरे भारत में 37 लाख से अधिक ग्राहकों ने टैक्सी सर्विस का लाभ उठाया है।

इस कार्यक्रम के दौरान, गृह मंत्री शाह ने अपने संबोधन में कहा कि, "भारतीय मोबिलिटी के क्षेत्र में आज एक बहुत बड़ा दिन है। जैसे-जैसे भारत का विकास हुआ है, टैक्सी की जरूरत आम हो गई है। टैक्सी की जरूरत हर घर तक पहुँच गई है और एक तरह से, टैक्सी का विस्तार भी बहुत बड़े इलाके में हुआ है। एक जमाने में, टैक्सी करने वाले को बहुत बड़ी नजर से देखा जाता था। 

अमित शाह ने कहा कि इस पहल का मुख्य मकसद यह पक्का करना है कि न तो हमारे सारथी और न ही हमारे ग्राहकों का किसी भी तरह से शोषण हो। इसका एक और मकसद हमारे 'सारथियों' को सम्मान दिलाना है ताकि वे सिर्फ ऐप रजिस्ट्रेशन पर निर्भर न रहें। आज मैं गर्व से कह सकता हूँ कि भारत टैक्सी से जुड़े सात लाख पार्टनर ही इसके असली मालिक हैं, वे शेयरहोल्डर हैं। यह मालिकाना हक सम्मान, सुरक्षा और समृद्धि का वादा भी साथ लाता है। भारत टैक्सी का कॉन्सेप्ट इन्हीं तीन बातों को ध्यान में रखकर बनाया गया था।

उन्होंने बताया कि भारत टैक्सी को पहले ही कई जगहों पर ट्रायल के तौर पर शुरू किया जा चुका है और आज इसे गुजरात में औपचारिक रूप से लॉन्च किया जा रहा है। आज से, भारत टैक्सी ने गुजरात के सभी बड़े शहरों में टू-व्हीलर, ऑटो-रिक्शा और फोर-व्हीलर के साथ अपना कामकाज आधिकारिक तौर पर शुरू कर दिया है।

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