वेनेज़ुएला इस समय संभवतः अपने सबसे खराब दौर से गुजर रहा है। कुछ ही दिन पहले, 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो भूकंपों ने वहां तबाही मचाई थी और अब, देश में एक बार फिर 4.9 तीव्रता का भूकंप आया है। पिछले भूकंपों से हुए नुकसान को देखते हुए, मरने वालों की संख्या 920 तक पहुंच गई है, जबकि 3 हजार से अधिक लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा, 50 हजार से अधिक लोगों के लापता होने की सूचना है। मलबे में दबे लोगों को खोजने के लिए 11 हजार से अधिक बचावकर्मियों को तैनात भी किया गया है।
इतने कठिन समय में कई देश वेनेजुएला की मदद के लिए आगे आए हैं। भारत ने भी प्रभावित लोगों के लिए राहत सामग्री, चिकित्सा सहायता और विशेषज्ञ टीमें भेजकर मानवीय सहायता प्रदान की है। भारत ने वेनेजुएला की सहायता हेतु ऑपरेशन अमिस्ताद (Operation Amistad) शुरू किया है। भारतीय वायु सेना के दो C-17 ग्लोबमास्टर विमानों से 35 टन राहत सामग्री, दवाएं और मेडिकल उपकरण भेजे गए हैं। इसके अलावा, भारतीय सेना की एक फील्ड हॉस्पिटल यूनिट भी वेनेजुएला भेजी गई है।
वेनेज़ुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने X पर जानकारी दी कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मंत्री मार्को रूबियो ने उन्हें फोन किया। उन्होंने इस मुश्किल घड़ी में वेनेजुएला को अमेरिकी सरकार का समर्थन जारी रखने की बात कही। उन्होंने बचाव दल, विशेष उपकरण, अस्थायी आश्रय और मानवीय सहायता भेजकर राहत कार्यों में मदद करने के अपने वादे को दोहराया।
राष्ट्रपति रोड्रिगेज ने कुछ तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, "हम भूकंप से बेघर हुए परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं। हमने उनके लिए अस्थायी आश्रय और व्यापक देखभाल की व्यवस्था की है।" उन्होंने उन रिसपॉन्स टीमों, डॉक्टरों, बचाव कर्मियों और स्वयंसेवकों को भी धन्यवाद दिया जो स्थानीय लोगों की रक्षा के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा रहे हैं। रोड्रिगेज ने लिखा कि इस कठिन समय में उनके प्रयासों ने सभी को ताकत और उम्मीद से भर दिया है।