अर्नब नाम का एक गंभीर चक्रवाती तूफान भारत के आंध्र प्रदेश राज्य में तट से टकराया है। इस आपदा के संबंध में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के इंस्पेक्टर जनरल (IG) नरेंद्र सिंह बुंदेला ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 23 अक्टूबर को अपनी पहली चेतावनी और पूर्वानुमान जारी किया था।
इस पूर्वानुमान के आधार पर, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने 25 अक्टूबर को राज्यों के साथ स्थिति की समीक्षा की। इसके बाद, भारत सरकार ने कैबिनेट सचिव स्तर पर स्थिति की समीक्षा की, जिसमें सभी मंत्रालयों, विभागों और राज्य सरकारों को शामिल किया गया। ताजा अपडेट के अनुसार, चक्रवात पूरी तरह से जमीन पर आ चुका है।
हवा की गति को देखते हुए, इसे बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान (very severe cyclonic storm) से घटाकर गंभीर चक्रवाती तूफान (severe cyclonic storm) की श्रेणी में कर दिया गया है। उम्मीद है कि अगले छह घंटों में यानी दोपहर तक, यह और कमजोर होकर एक सामान्य चक्रवाती तूफान (cyclonic storm) में बदल जाएगा और शाम तक एक डीप डिप्रेशन (deep depression) में तब्दील हो जाएगा।
अब तक, उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र रहे हैं। तेज हवाओं के अलावा, कई जिलों में भारी बारिश भी हुई है। आंध्र प्रदेश सरकार और IMD से मिली जानकारी के अनुसार, आंध्र प्रदेश के प्रभावित जिलों में विशाखापत्तनम, विजयनगरम, अनाकापल्ली और श्रीकाकुलम शामिल हैं। दक्षिणी ओडिशा में कोरापुट, गंजाम और गजपति में भी काफी बारिश हुई है।
भारत सरकार ने कल रात आंध्र प्रदेश में NDRF की चार अतिरिक्त टीमें तैनात कीं, क्योंकि राज्य के सबसे अधिक प्रभावित होने की आशंका थी। इन अतिरिक्त टीमों को भारतीय वायु सेना के विमानों के जरिए एयरलिफ्ट करके पहुँचाया गया। वर्तमान में, NDRF और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमें राज्य और केंद्र सरकारों के साथ समन्वय करते हुए प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं। राज्य-स्तरीय आपदा प्रतिक्रिया तंत्र को भी सक्रिय और अलर्ट पर रखा गया है और कर्मचारी स्थिति को संभालने के लिए जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं।
जान-माल के नुकसान की बात करें तो, आंध्र प्रदेश में अब तक 3 लोगों की मौत की खबर है। रिपोर्ट्स के अनुसार, राज्य में 30 से ज्यादा घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा, निचले और तटीय इलाकों से 55 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। 5 हजार से अधिक गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य केंद्रों में शिफ्ट किया गया है। ओडिशा सरकार ने भी 30 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया है।
साथ ही, कल तक उन गर्भवती महिलाओं को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया था, जिन्हें हाई रिस्क वाली श्रेणी में रखा गया था। ऐसी चिन्हित 4 हजार से अधिक गर्भवती महिलाओं में से 1,800 से अधिक को पहले ही शिफ्ट किया जा चुका है। इनमें से कुछ महिलाओं ने कल सुरक्षित रूप से बच्चों को जन्म भी दिया। मछुआरों की सभी नावें भी वापस किनारे पर आ गई हैं। पंजीकृत 19,143 नावों में से सभी को वापस किनारे पर ला लिया गया है।