महाराष्ट्र के नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेले से पहले गोदावरी नदी के तट पर एक नया विश्व रिकॉर्ड बना है। 25 अक्टूबर को 517 प्रतिभागियों ने एक साथ शंखनाद कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया है, जिसने अमेरिका में बने 303 प्रतिभागियों के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। नासिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला प्राधिकरण (NTKMA) ने X पर शंखनाद का एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "इतिहास रचा गया। रिकॉर्ड बनाने वाला नासिक! गोदावरी के तट पर, एक साथ 517 शंखों की गूंज सुनाई दी।"
NTKMA ने आगे लिखा, "इस ऐतिहासिक पल ने न केवल एक विश्व रिकॉर्ड बनाया, बल्कि नासिक की आस्था, संस्कृति और सामूहिक शक्ति की आवाज को पूरी दुनिया तक पहुँचाया। भारत की प्राचीन परंपराओं से जुड़ी, शंखों की यह सामूहिक गूंज आज इतिहास के एक नए अध्याय की साक्षी बन गई है। इस पल में भक्ति थी। इस पल में गर्व था। इस पल में पूरा नासिक एकजुट था। यह केवल शुभ सिंहस्थ महाकुंभ की शुरुआत नहीं है, बल्कि यह एक भव्य नए अध्याय की पहली गूंज है।"
आगामी 31 अक्टूबर को दोपहर 12.02 बजे ध्वजारोहण समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसके बाद सिंहस्थ की औपचारिक शुरुआत हो जाएगी। इसके लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को आमंत्रित किया। इस मुलाकात की कुछ तस्वीरें X पर साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी से मिलकर उन्हें बेहद सम्मानित महसूस हुआ।
इस मुलाकात के दौरान उन्होंने राष्ट्रपति जी को नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेला 2027 के लिए धर्मध्वज फहराने के कार्यक्रम में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया। फडणवीस ने इसे सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों में एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, सिंहस्थ महाकुंभ की प्रमुख तिथियां इस प्रकार हैं:
31 अक्टूबर 2026: दोपहर 12:02 बजे औपचारिक ध्वजारोहण समारोह।
29 जुलाई 2027: नगर प्रदक्षिणा का आयोजन।
02 अगस्त 2027: प्रथम अमृत स्नान।
31 अगस्त 2027: द्वितीय अमृत स्नान।
11 सितंबर 2027: रामकुंड, नासिक में तृतीय अमृत स्नान (वैष्णव)।
12 सितंबर 2027: त्र्यंबकेश्वर में तृतीय अमृत स्नान (शैव)।
24 जुलाई 2028: ध्वज उतारे जाने के साथ सिंहस्थ कुंभ मेले का समापन।