मिडिल ईस्ट में हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं। इजराइल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर बड़े हमले शुरू कर दिए हैं, जिसकी वजह से पूरे इलाके में युद्ध जैसा माहौल बन गया है। ताजा जानकारी के मुताबिक, इजराइल ने लेबनान पर भी भीषण हवाई हमले किए हैं, जिसमें 31 लोगों की मौत जो गई और 149 लोग घायल बताए जा रहे हैं। ये सब तब शुरू हुआ, जब ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की एक हमले में मौत की खबर आई। इसके बाद लेबनान के हथियारबंद संगठन हिजबुल्लाह ने रॉकेटों और ड्रोनों से हमला कर दिया। हिजबुल्लाह का कहना है कि उन्होंने ये कार्रवाई खामेनेई की मौत का बदला लेने और अपने देश की रक्षा करने के लिए की है।
जवाब में इजराइल ने लेबनान की राजधानी बेरूत और दक्षिणी हिस्सों में बमबारी तेज कर दी। इजराइल का कहना है कि उन्होंने हिजबुल्लाह के ठिकानों और हथियार के गोदामों को निशाना बनाया है। इजराइल ने लेबनान के 50 गांवों को खाली करने की चेतावनी भी दी है, जिससे संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इजराइल अपने हमलों को और भी तेज कर सकता है। इजराइल और अमेरिका ने ईरान के अंदर भी कई जगहों पर हमले किए हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि जब तक उनके लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते, ये हमले जारी रहेंगे। ईरान ने भी हार न मानने की बात कही है और कतर और UAE जैसे खाड़ी देशों के पास मिसाइलें दागी हैं।
इस तनाव का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। भारत ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई है और शांति की अपील की है। कई देशों ने अपने नागरिकों को उन इलाकों से सुरक्षित निकालने की कोशिशें शुरू कर दी हैं। फिलहाल हालात ऐसे हैं कि कोई नहीं जानता कि यह लड़ाई कब थमेगी, लेकिन निर्दोष लोग इस आग में लगातार झुलस रहे हैं।