जम्मू-कश्मीर कैबिनेट का विस्तार, नेशनल कॉन्फ्रेंस के 4 नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली

कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेने पर, NC के विधायक सैफुल्ला मीर ने कहा, "मेरे नेतृत्व ने मुझे आज जिस उद्देश्य से मंत्री बनाया है, मैं उसे पूरा करने की पूरी कोशिश करूँगा। मैं जम्मू-कश्मीर के लोगों की सेवा करूँगा और उनकी समस्याओं व कठिनाइयों को दूर करने का प्रयास करूँगा। इसके अलावा, मैं अपनी पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए काम करूँगा। उन्होंने बताया कि लोगों को हमसे बहुत उम्मीदें हैं। आज मैं मंत्री बन गया हूँ और मैं लोगों की उम्मीदों के अनुरूप काम करने की कोशिश करूँगा।"

जम्मू-कश्मीर कैबिनेट का विस्तार, नेशनल कॉन्फ्रेंस के 4 नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली

इन चार नेताओं के शपथ लेने के बाद अब मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री सहित 9 सदस्य है।

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Highlights

  • शपथ लेने वाले विधायकों में अली मोहम्मद सागर, शमीम फिरदौस, सैफुल्ला मीर और अल्ताफ अहमद वानी शामिल है।
  • छम्ब के निर्दलीय विधायक और कैबिनेट मंत्री सतीश शर्मा को मंत्रीमंडल से ड्रॉप कर दिया गया है।
  • अनंतनाग पश्चिम के विधायक अब्दुल मजीद लारमी ने मंत्रिमंडल में शामिल न किए जाने पर अपनी नाराजगी जताई।

जम्मू-कश्मीर से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ आज मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया। श्रीनगर के लोक भवन में आयोजित एक गरिमामयी समारोह में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने चार नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ लेने वाले नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के इन चार विधायकों में अली मोहम्मद सागर (खानयार), शमीम फिरदौस (हब्बा कदल), सैफुल्ला मीर (त्रेहगाम) और अल्ताफ अहमद वानी (पहलगाम) शामिल हैं। इस फेरबदल के तहत छम्ब से निर्दलीय विधायक और कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य कर रहे सतीश शर्मा को मंत्रिमंडल से हटा दिया गया है।

कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेने पर, NC के विधायक सैफुल्ला मीर ने कहा, "मेरे नेतृत्व ने मुझे आज जिस उद्देश्य से मंत्री बनाया है, मैं उसे पूरा करने की पूरी कोशिश करूँगा। मैं जम्मू-कश्मीर के लोगों की सेवा करूँगा और उनकी समस्याओं व कठिनाइयों को दूर करने का प्रयास करूँगा। इसके अलावा, मैं अपनी पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए काम करूँगा। उन्होंने बताया कि लोगों को हमसे बहुत उम्मीदें हैं। आज मैं मंत्री बन गया हूँ और मैं लोगों की उम्मीदों के अनुरूप काम करने की कोशिश करूँगा।"

हालांकि,एक नेता ने अपनी नाराजगी भी जताई है। अनंतनाग पश्चिम से विधायक अब्दुल मजीद लारमी ने कहा, "कैबिनेट में वरिष्ठ नेताओं को चुना गया है, लेकिन मैं दक्षिण कश्मीर को लेकर खुश नहीं हूँ। मैं इस पद के लिए ज्यादा हकदार था। मैं पार्टी का एक सिपाही हूँ और पार्टी के लिए लड़ता रहूँगा। श्रीनगर और कुपवाड़ा में जो विस्तार हुआ, वह ठीक था, लेकिन दक्षिण कश्मीर में जिन्हें चुना गया है, उनके मुकाबले मैं कहीं ज्यादा वरिष्ठ हूँ।"

इस बीच, ईदगाह निर्वाचन क्षेत्र के समर्थकों ने नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। वे कैबिनेट में विधायक मुबारक गुल को शामिल न किए जाने का विरोध कर रहे थे। हालांकि, NC अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने मुबारक गुल को पार्टी का महासचिव नियुक्त किया है। इस विस्तार की भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आलोचना की है।

विपक्ष के नेता सुनील कुमार शर्मा ने उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार पर क्षेत्रीय विभाजन पैदा करने का आरोप लगाया। शर्मा ने कहा कि यह पहली बार है जब क्षेत्रीय और सांस्कृतिक असंतुलन देखने को मिला है। सरकारों को हर समुदाय, क्षेत्र और इलाके को साथ लेकर चलना होता है। आज ऐसा कहीं भी देखने को नहीं मिला।

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