झारखंड हाईकोर्ट का फैसला, 11वीं से 13वीं JPSC परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द करने के निर्णय पर रोक

सरकार के फैसले से उन लोगों ने विरोध शुरू कर दिया जिन्होंने सफलतापूर्वक परीक्षाएं पास की थीं और नौकरी हासिल की थी। जो उम्मीदवार पहले ही नियुक्त हो चुके थे और अपने पदों पर काम कर रहे थे, उन्होंने इस फैसले का विरोध किया था और न्याय की मांग की थी। JSSC परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों और कर्मचारियों ने मिलकर रांची में 'तिरंगा यात्रा' भी निकाली।

झारखंड हाईकोर्ट का फैसला, 11वीं से 13वीं JPSC परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द करने के निर्णय पर रोक

झारखंड हाई कोर्ट के इस निर्णय के बाद इस पूरे मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है।

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Highlights

  • कुछ लोगों ने परीक्षा रद्द करने के झारखंड सरकार के फैसले को चुनौती देने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
  • देवेंद्र नाथ महतो ने कहा की हमारा संघर्ष कभी भी किसी काबिल और बेगुनाह छात्र की नौकरी छीनने का नहीं रहा है।
  • छात्र नेता रविंद्र पासवान ने कहा की यह साफ हो गया की सरकार ने झारखंड के लाखों छात्रों को धोखा दिया है।

झारखंड​ की राजधानी रांची से एक बड़ी खबर सामने आई है। 20 अगस्त को झारखंड हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसके तहत 11वीं से 13वीं JPSC परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द किया गया था। इससे पहले, कई छात्रों और युवाओं ने विभिन्न परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद झारखंड सरकार उनकी मांगें मानने को तैयार हो गई थी। हालांकि, इस फैसले से उन लोगों ने विरोध शुरू कर दिया जिन्होंने सफलतापूर्वक परीक्षाएं पास की थीं और नौकरी हासिल की थी।

जो उम्मीदवार पहले ही नियुक्त हो चुके थे और अपने पदों पर काम कर रहे थे, उन्होंने इस फैसले का विरोध किया था और न्याय की मांग की थी। कुछ लोगों ने परीक्षा रद्द करने के झारखंड सरकार के फैसले को चुनौती देने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। JSSC परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों और कर्मचारियों ने मिलकर रांची में 'तिरंगा यात्रा' भी निकाली। कोर्ट के इस फैसले पर कुछ छात्र नेताओं की ओर से भी प्रतिक्रियाएं सामने आईं हैं।

भूख हड़ताल कर चुके छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि सरकार का इरादा कहीं न कहीं मामले को दबाने का लग रहा है। हालांकि, हमारा संघर्ष कभी भी किसी काबिल और बेगुनाह छात्र की नौकरी छीनने का नहीं रहा है। हमारा संघर्ष हमेशा यही रहा है कि जो छात्र मेहनत कर रहे हैं, उनकी मेहनत भ्रष्टाचार, गड़बड़ियों और पारदर्शिता की कमी की भेंट न चढ़े। झारखंड में भर्ती की ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिसमें भर्ती पूरी तरह नियमों के मुताबिक, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ हो और यह व्यवस्था हमेशा बनी रहे। अगर सरकार मामले को दबाने की कोशिश करती है, तो शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा यह छात्र आंदोलन फिर से शुरू हो जाएगा और जारी रहेगा।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार पर धोखाधड़ी का आरोप भी लगाया जा रहा है। छात्र नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि यह साफ हो गया कि सरकार ने झारखंड के लाखों छात्रों को धोखा दिया है। सरकार ने झारखंड के लाखों छात्रों के साथ छल किया है। जब तक आप परीक्षा रद्द नहीं कर रहे थे या CBI जांच के लिए तैयार नहीं थे, तब तक तो ठीक था। लेकिन छात्रों के साथ इस धोखे के बाद, एक नई लड़ाई शुरू हो गई है। हम छात्र इसका जवाब जरूर देंगे। कोर्ट में आपकी नीयत सबके सामने आ गई। रिपोर्ट्स की मानें तो, प्रदर्शनकारी आज झारखंड के सभी 24 जिलों में मुख्यमंत्री सोरेन का पुतला जलाएंगे।

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