जयपुर के स्कूल में CJP कार्यकर्ताओं पर हमला, गाड़ियों में तोड़-फोड़, आशुतोष रांका ने भाजपा पर लगाया आरोप

BJP विधायक बालमुकुंद आचार्य ने बताया कि ग्रामीणों ने CJP सदस्यों को लौटा दिया और अंदर नहीं आने दिया। इससे पता चलता है कि ग्रामीण ऐसा माहौल नहीं चाहते जैसा 'कॉकरोच पार्टी' बनाने की कोशिश कर रही है, एक ऐसा माहौल जिसमें वे बच्चों की पढ़ाई में रूकावट डालना चाहते हैं। वे ऐसा माहौल भी बनाना चाहते हैं जिसमें बच्चों को मोबाइल फोन का इस्तेमाल करके प्रधानमंत्री को अपशब्द कहने और गलत व असम्मानजनक व्यवहार करने के लिए उकसाया जाए।

जयपुर के स्कूल में CJP कार्यकर्ताओं पर हमला, गाड़ियों में तोड़-फोड़, आशुतोष रांका ने भाजपा पर लगाया आरोप

आशुतोष रांका ने कहा की हमारे वॉलंटियर्स के हाथ तोड़ दिए गए, हमारी गाड़ियों में तोड़-फोड़ की गई।

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Highlights

  • मीडिया से बात करते हुए CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा की आज पूरे देश ने भाजपा की गुंडागर्दी को लाइव देखा।
  • एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया की CJP वाले 200-250 लोगों को अपने साथ लाए थे और आखिर में अपनी ही गाड़ी तोड़ दी।
  • राजस्थान के सामाजिक न्याय मंत्री अविनाश गहलोत ने बयान दिया है की CJP अराजक तत्वों की पार्टी बन चुकी है।

राजस्थान के जयपुर जिले से एक बड़ी घटना की खबर आई है। रामपुर कंवरपुरा गांव के एक सरकारी स्कूल का दौरा करने गए 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के सदस्यों पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। CJP सदस्यों का आरोप है कि हमलावर भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़े लोग थे। मीडिया से बात करते हुए, CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि आज पूरे देश ने BJP की गुंडागर्दी को लाइव देखा। 

हालांकि पुलिस को पता था कि पत्थरबाजी हो रही है, फिर भी उन्होंने कोई कार्रवाई न करने की बात कहकर हाथ खड़े कर दिए। पुलिस ने कहा कि वे कुछ नहीं करेंगे। आशुतोष ने कहा कि यह सब राजस्थान के स्कूल शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के कहने पर किया गया। हमारे वॉलंटियर्स के हाथ तोड़ दिए गए, हमारी गाड़ियों में तोड़-फोड़ की गई और हम पर पत्थर फेंके गए। बुजुर्ग लोगों ने हमारी टीम की महिलाओं पर पत्थर फेंके और उनके फोन तोड़ दिए। 

यह सब पहले से तय था। इन सभी गुंडों को 48 घंटे के अंदर गिरफ्तार किया जाना चाहिए और आदेश वापस लिया जाना चाहिए। वरना, यह विरोध शिक्षा के मुद्दे से आगे बढ़कर मदन दिलावर के खिलाफ एक आंदोलन बन जाएगा। आपको शर्म आनी चाहिए। स्कूल एक साल से भैंसों के तबेले में चल रहा है और हम उसकी मरम्मत करवाना चाहते हैं। वहां BJP के गुंडे मौजूद थे। यह राजस्थान में लोकतंत्र के लिए एक काला दिन है।

CJP के एक सदस्य ने बताया कि वे इस स्कूल का दौरा करने आए थे। हमारे साथी एक साल पहले भी यहां आए थे, तब स्कूल भैंसों के तबेले में चल रहा था। हम वही देखने के लिए दोबारा यहां आए थे। BJP-RSS के गुंडे पहले से ही वहां मौजूद थे। उन्होंने हमें डंडों से पीटा, धक्का दिया और हम पर पत्थर भी फेंके। उन्होंने मुझे जमीन पर गिरा दिया और डंडे से पीटा, जिससे मेरा हाथ घायल हो गया। मुझे बहुत दर्द हो रहा है।

हालांकि, स्थानीय लोगों का इस घटना के बारे में कुछ और ही कहना है। एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया, हमने कुछ नहीं किया। हमने उनसे प्रेम से बात करने की कोशिश की। वे अपने साथ 200-250 लोगों को लेकर आए थे। हमने उन पर हाथ नहीं उठाया। हमने उनसे शांति से बात की, लेकिन उन्होंने अपनी ही गाड़ी तोड़ ली। 

उनका कहना है कि वे स्कूल की मरम्मत के लिए आए थे। लेकिन यह काम हमारे विधायक करेंगे, इसके लिए 12 लाख रूपए आवंटित किए गए हैं। हमने इसलिए विरोध किया क्योंकि हम BJP या कांग्रेस के अलावा किसी अन्य पार्टी को यहां नहीं आने देंगे। एक महिला ने बताया कि हमने उनका विरोध इसलिए किया क्योंकि वो इस स्कूल को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे। स्कूल की मरम्मत के लिए फंड मंजूर हो चुका हैं।

घटनाओं के इस क्रम पर विभिन्न नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। राजस्थान के सामाजिक न्याय मंत्री अविनाश गहलोत ने बयान दिया है कि CJP अराजक तत्वों की पार्टी बन चुकी है। स्कूल की मरम्मत करने के बजाय, वे अराजकता फैला रहे हैं। इसके पीछे BJP विरोधी तत्व शामिल हैं। उनका एकमात्र लक्ष्य BJP और सिस्टम का विरोध करना है। राजस्थान की जनता जागरूक है। उन्होंने CJP को खदेड़ दिया है, इसलिए पार्टी को सबक लेना चाहिए और ऐसी हरकतों से दूर रहना चाहिए।

BJP विधायक बालमुकुंद आचार्य ने बताया कि ग्रामीणों ने CJP सदस्यों को लौटा दिया और अंदर नहीं आने दिया। इससे पता चलता है कि ग्रामीण ऐसा माहौल नहीं चाहते जैसा 'कॉकरोच पार्टी' बनाने की कोशिश कर रही है, एक ऐसा माहौल जिसमें वे बच्चों की पढ़ाई में रूकावट डालना चाहते हैं। वे ऐसा माहौल भी बनाना चाहते हैं जिसमें बच्चों को मोबाइल फोन का इस्तेमाल करके प्रधानमंत्री को अपशब्द कहने और गलत व असम्मानजनक व्यवहार करने के लिए उकसाया जाए।

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