नेपाल के रसुवा में बाढ़ से भारी तबाही, 22 लोगों की मौत, 105 भारतीय नागरिक लापता

भारत में, सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने भी भारत-नेपाल सीमा पर तैनात अपनी यूनिट्स के लिए अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों के अनुसार, फोर्स की 11 रेस्क्यू और रिलीफ टीमें (RRTs) तुरंत ऑपरेशन के लिए अलर्ट पर हैं, जबकि सात अतिरिक्त टीमें स्टैंडबाय पर हैं। SSB टीमें बचाव, राहत और इमरजेंसी रिस्पॉन्स के कामों में राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन की मदद करने के लिए तैयार हैं।

नेपाल के रसुवा में बाढ़ से भारी तबाही, 22 लोगों की मौत, 105 भारतीय नागरिक लापता

स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक बचाव कार्य तेजी से चल रहा है।

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Highlights

  • कुल मिलाकर लगभग 400 लोगों के लापता होने की खबर है।
  • नेपाल पुलिस और नेपाली सेना सहित सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है।
  • प्रधानमंत्री मोदी ने बालेंद्र शाह से बातचीत की एवं बाढ़ के कारण हुई जनहानि पर संवेदना की प्रकट।

भारत के पड़ोसी देश नेपाल से दिल दहला देने वाली खबर आई है। बुधवार को रसुवा जिले में भोटे कोशी नदी में अचानक आई जबरदस्त बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इस भीषण हादसे में 22 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और कई सुरक्षाकर्मी लापता भी बताए जा रहे हैं। हालांकि, अलग-अलग रिपोर्ट्स में मृतकों की संख्या अलग-अलग बताई जा रही है।​ नेपाल पर्यटन बोर्ड (NTB) के अनुसार, इस इलाके में अचानक आई बाढ़ के बाद लापता लोगों में लगभग 105 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। कुल मिलाकर, करीब 400 लोगों के लापता होने की खबर है।

स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। नेपाल पुलिस, आर्म्ड पुलिस फोर्स और नेपाली सेना समेत सुरक्षा बलों को बड़े पैमाने पर तैनात किया गया है और खोज व बचाव कार्यों के लिए हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। हाल ही में, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बात की।

X पर इसकी जानकारी देते हुए उन्होंने लिखा, "प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बातचीत की और नेपाल में बाढ़ के कारण हुई जनहानि पर अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं। इस कठिन घड़ी में भारत की जनता नेपाल के अपने भाइयों और बहनों के साथ एकजुटता से खड़ी है। भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है। हमारी टीमें बचाव और राहत कार्यों में निकटता से समन्वय कर रही हैं।"

काठमांडू में भारतीय दूतावास ने बाढ़ से प्रभावित भारतीय नागरिकों की मदद के लिए दो आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर (+977 985 131 6807 और +977 970 910 7500) जारी किए हैं। दूतावास नेपाल सरकार के अधिकारियों के साथ संपर्क में है ताकि बाढ़ से प्रभावित भारतीयों का जल्द से जल्द बचाव और राहत सुनिश्चित की जा सके। नेपाल सरकार के साथ मिलकर बचाव और राहत अभियान को और मजबूत किया जा रहा है।

भारत में, सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने भी भारत-नेपाल सीमा पर तैनात अपनी यूनिट्स के लिए अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों के अनुसार, फोर्स की 11 रेस्क्यू और रिलीफ टीमें (RRTs) तुरंत ऑपरेशन के लिए अलर्ट पर हैं, जबकि सात अतिरिक्त टीमें स्टैंडबाय पर हैं। SSB टीमें बचाव, राहत और इमरजेंसी रिस्पॉन्स के कामों में राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन की मदद करने के लिए तैयार हैं।

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में घाघरा, करनाली और महाकाली नदी प्रणालियों के किनारे बसे संवेदनशील जिलों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। भारत-नेपाल सीमा पर तैनात SSB टुकड़ियों को स्थिति पर नजर रखने और स्थानीय प्रशासन के संपर्क में रहने का निर्देश दिया गया है। उत्तर प्रदेश और बिहार की सरकारें भी अलर्ट पर हैं।

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