नेपाल बाढ़ : विदेश मंत्रालय का बड़ा बयान, संपर्क से बाहर हुए 288 भारतीय नागरिक

प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्तमान में लगभग 200 भारतीय नागरिक चीन की सीमा क्षेत्र में फंसे हुए हैं और उन्होंने सुरक्षित निकासी के लिए भारतीय दूतावास से सहायता मांगी है। इनमें से 95 लोग दारचेन में हैं और अभी नेपाल में दाखिल होने के लिए हिल्सा की ओर बढ़ रहे हैं। चार लोग जीलोंग शहर में हैं, 13 ज़ुटुलपुक में हैं और सागा शहर की ओर जा रहे हैं, जबकि 60-70 अन्य लोग भी सागा की ओर बढ़ रहे हैं।

नेपाल बाढ़ : विदेश मंत्रालय का बड़ा बयान, संपर्क से बाहर हुए 288 भारतीय नागरिक

MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस ब्रीफिंग में दी जानकारी।

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Highlights

  • आज दोपहर 1.00 बजे तक 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
  • 10 टन राहत सामग्री के साथ C-130J रवाना, आज सुबह 37.5 टन सामान लेकर C-17 ने भरी उड़ान।
  • NDRRMA के मुताबिक बाढ़ से मरने वालों की संख्या 258 हो गई है।

भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आज एक प्रेस ब्रीफिंग में नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ की स्थिति पर आधिकारिक जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस ब्रीफिंग का मुख्य उद्देश्य प्रभावित क्षेत्र में मौजूद भारतीय नागरिकों से जुड़ी ताजा जानकारी देने और त्रासदी के बाद भारत द्वारा चलाए जा रहे राहत व बचाव कार्यों की प्रगति से अवगत कराना है। उन्होंने बताया कि हमारे प्रधानमंत्री ने कल नेपाल के प्रधानमंत्री से बात की, अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि भारत नेपाल के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है और हमारी तरफ से हर संभव मानवीय सहायता की पेशकश की। 

रणधीर जायसवाल ने बताया कि अब तक मिली जानकारी के अनुसार, 288 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इनमें 73 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं जो त्रिशूली 1 पावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे हैं। इसके बाद, तमिलनाडु के नागरिकों के दो अलग-अलग ग्रुप्स हैं। एक में 37 और दूसरे में 49 लोग हैं, जो सम्राट और फ्लाई एवरेस्ट ट्रैवल्स के जरिए कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे। पश्चिम बंगाल के 32 भारतीय नागरिकों का एक ग्रुप है जो सम्राट ट्रैवल्स की मदद से रसुवा जिले के तिमुरे गए थे। फिर, अलग-अलग राज्यों के 61 भारतीय नागरिकों का एक ग्रुप है। उसके बाद केरलम के 33 भारतीय नागरिकों का एक ग्रुप है।

ये 5 मुख्य ग्रुप हैं जिनमें कुल मिलाकर 288 लोग शामिल हैं। रणधीर ने आगे जानकारी दी कि आज दोपहर 1.00 बजे तक, हमने 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। ये 21 लोग तमिलनाडु से हैं और पूरी जानकारी के लिए हमने उनके नाम अपने X हैंडल पर पोस्ट किए हैं। हमारे राजदूत ने इस समूह के सदस्यों से बात की है और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिया है। उनके काठमांडू पहुँचने की संभावना है, जिसके बाद उन्हें जल्द से जल्द घर भेजने के इंतजाम किए जाएंगे। काठमांडू भेजी गई मानवीय सहायता की विस्तृत जानकारी भी जारी कर दी गई है। इसके तहत अब तक दो विशेष विमानों से राहत सामग्री भेजी जा चुकी है।

कल रात करीब 8.30 बजे एक C-130J विमान ने उड़ान भरी, जिसमें 10 टन राहत सामग्री थी, जैसे अस्थायी शेल्टर, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप, दवाएं आदि। फिर आज सुबह, एक C-17 विमान 37.5 टन सामान लेकर रवाना हुआ, जिसमें 28.5 टन राहत सामग्री (जैसे टेंट, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप, पानी निकालने वाले पंप, किचन सेट वगैरह), 8 टन दवाएं और 1 टन खाने-पीने का सामान शामिल था। रणधीर जायसवाल ने चीन में फंसे भारतीय नागरिकों के संबंध में भी महत्वपूर्ण अपडेट साझा किया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्तमान में लगभग 200 भारतीय नागरिक चीन की सीमा क्षेत्र में फंसे हुए हैं और उन्होंने सुरक्षित निकासी के लिए भारतीय दूतावास से सहायता मांगी है। इनमें से 95 लोग दारचेन में हैं और अभी नेपाल में दाखिल होने के लिए हिल्सा की ओर बढ़ रहे हैं। चार लोग जीलोंग शहर में हैं, 13 ज़ुटुलपुक में हैं और सागा शहर की ओर जा रहे हैं, जबकि 60-70 अन्य लोग भी सागा की ओर बढ़ रहे हैं। हमारा मिशन स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है और वे उन्हें बचाने और सुरक्षित बाहर निकालने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।​ ताजा घटनाक्रम में, नेपाल के नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) के मुताबिक, बाढ़ से मरने वालों की संख्या 258 हो गई है।

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