जहां एक ओर पश्चिम बंगाल में प्रथम चरण में 152 सीटों पर वोटिंग हो रही है, वहीं दूसरी ओर सेकंड फेज के लिए धुआंधार चुनाव प्रचार जारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नादिया जिले के कृष्णानगर में आज एक चुनावी रैली को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने बताया कि पिछले 50 वर्षों में ये पहला ऐसा चुनाव है, जहां हिंसा कम से कम हुई है। पहले हर हफ्ते किसी को फांसी पर लटका देना और बस यह दावा कर देना कि यह आत्महत्या थी, एक आम बात थी। यहां एक प्रकार से गुंडाराज चलता था। उन्होंने इलेक्शन कमीशन का अभिनंदन करते हुए कहा कि, "उन्होंने एक बार फिर बंगाल की धरती पर लोकतंत्र की प्रतिष्ठा की है। मैं यहां के सरकारी कर्मचारियों की भी सराहना करता हूँ।"
प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पिछले प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए कहा कि हमने पहले भी देखा है कि जहां कही भी भारी संख्या में वोट पड़े हैं, वहां BJP को जबरदस्त जीत मिली है। 4 मई को बंगाल में भी BJP की जीत का जश्न मनाया जाएगा। मिठाइयां और झालमुड़ी भी बांटी जाएंगी। तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तंज कसते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "झालमुड़ी मैंने खाई, लेकिन झाल (तीखा) TMC को लगी है।"
उन्होंने बड़े ही भरोसे के साथ जनता से कहा कि TMC विधायकों, मंत्रियों, स्थानीय नेताओं और उनके सिंडिकेट के प्रति लोगों में इतना ज्यादा गुस्सा है कि TMC कई शहरों में अपना खाता भी नहीं खोल पाएगी। 15 साल पहले, लोगों ने वामपंथ के खिलाफ जंग का बिगुल फूंका था। आज TMC के जंगल राज के विरोध में, बंगाल के लोग हर गली और मोहल्ले में शंख बजा रहे हैं। इस चुनाव को हम नहीं लड़ रहे हैं, इस बार बंगाल में चुनाव खुद जनता लड़ रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने TMC पर हमलावर होते हुए कहा कि, इनकी पहचान है "झूठ बोलो और झांसा दो।" उन्होंने बताया कि 15 साल से TMC द्वारा किए गए हर वादे अधूरे हैं। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उल्लेख हुआ कि, "TMC द्वारा मॉडल रेसिडेंशियल स्कूल बनाने की घोषणा की गई थी, लेकिन बंगाल में सैंकड़ों स्कूल बंद हो गए। TMC ने पाइप से घर-घर पानी पहुंचाने का वादा किया था, लेकिन जल भराव का गंदा पानी घर-द्वार तक जरूर आ गया। TMC ने 10 लाख MSMEs और हजारों बड़े उद्योग लगाने का वादा किया था। लेकिन बीते सालों में यहां हजारों फैक्ट्रियां बंद हो गईं।"
उन्होंने अपने भाषण में आगे कहा कि, "मोदी का मंत्र है 'सबका साथ, सबका विकास' और TMC की निर्मम सरकार करती है 'घुसपैठियों का साथ, घुसपैठियों का विकास।' TMC के लोग घुसपैठियों के लिए नकली डॉक्यूमेंट्स बनाने की दुकानें चलाते हैं, घुसपैठ कराते हैं और उन्हे झुग्गियों में बसाते हैं। सीमाएं तभी सुरक्षित रहती हैं, जब पुलिस, सेना, BSF और नागरिक, सभी मिलकर एक साथ काम करते हैं। 4 मई के बाद, यहां बंगाल में भी सुरक्षा की एक नई गारंटी शुरू होने वाली है।"