इजरायली संसद नेसेट को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने इजराइल की संसद नेसेट को संबोधित कर आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख दोहराया और भारत-इजराइल दोस्ती को नई मजबूती दी। इस दौरान उन्हें ‘मेडल ऑफ द नेसेट’ से सम्मानित किया गया।

इजरायली संसद नेसेट को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने नरेंद्र मोदी

अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के मुद्दे पर बेहद ही कड़ा रुख अपनाया।

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Highlights

  • नेसेट में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-इजराइल साझेदारी को दी नई ऊंचाई।
  • 7 अक्टूबर हमले पर भारत ने इजराइल के साथ एकजुटता जताई।
  • प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराई।

भारत और इजराइल की बढ़ती दोस्ती के बीच कल एक नया और अहम अध्याय जुड़ गया। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजराइल की संसद, जिसे नेसेट (Knesset) कहा जाता है, को संबोधित किया। यह पल इसलिए भी खास रहा क्योंकि वे ऐसा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन गए हैं। इस अवसर पर उन्हें इजराइली स्पीकर आमिर ओहाना द्वारा ‘मेडल ऑफ द नेसेट’ (Medal of the Knesset) से सम्मानित किया गया। समारोह में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और विपक्ष के नेता यैर लैपिड भी मौजूद रहे।

अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के मुद्दे पर बेहद कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने 7 अक्टूबर को हमास द्वारा किए गए बर्बर आतंकी हमले में जान गंवाने वाले लोगों और प्रभावित परिवारों के प्रति भारत की ओर से गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में भारत इजराइल के साथ खड़ा है और भविष्य में भी पूरी दृढ़ता के साथ साथ देता रहेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ने भी लंबे समय तक आतंकवाद का दर्द सहा है। उन्होंने 26/11 मुंबई हमलों को याद करते हुए कहा कि उन हमलों में इजराइली नागरिक भी मारे गए थे। उन्होंने साफ किया कि भारत की आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति है और इसमें किसी प्रकार का दोहरा मापदंड नहीं अपनाया जाता।

भाषण के दौरान उन्होंने दोनों देशों के प्राचीन सांस्कृतिक रिश्तों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत और इजराइल दोनों प्राचीन सभ्यताएँ हैं, जिनकी दार्शनिक परंपराओं में कई समानताएँ मिलती हैं। इजराइल में टिक्कुन ओलाम (Tikkun Olam) का सिद्धांत दुनिया को बेहतर बनाने की बात करता है, जबकि भारत में वसुधैव कुटुंबकम पूरे विश्व को एक परिवार मानने का संदेश देता है। दोनों विचार सीमाओं से परे जाकर करुणा और नैतिक जिम्मेदारी का आह्वान करते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने इजराइल में योग और आयुर्वेद के प्रति बढ़ते प्रेम की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के त्योहारों में भी सुंदर समानता देखने को मिलती है। इजराइल हनुक्का (Hanukkah) को मोमबत्तियों की रोशनी के साथ मनाता है, जबकि भारत लगभग उसी समय दीपावली को दीपों की रोशनी से मनाता है। जल्द ही भारत होली का त्योहार मनाएगा, लगभग उसी समय इजराइल में पुरिम (Purim) भी उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने नेसेट को यह भी बताया कि भारतीय संसद ने इजराइल के लिए एक संसदीय मैत्री समूह (Parliamentary Friendship Group) का गठन किया है। उन्होंने इजराइली सांसदों को भारत आने का निमंत्रण दिया और दोनों देशों के सांसदों के बीच अधिक संवाद की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि साझा आदर्शों पर आधारित यह आधुनिक साझेदारी न केवल दोनों देशों के राष्ट्रीय हितों को मजबूत करती है, बल्कि वैश्विक स्थिरता और समृद्धि में भी योगदान देती है। उन्होंने आह्वान किया कि भारत और इजराइल की मित्रता अनिश्चित विश्व में शक्ति का स्रोत बनी रहे।

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