तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 144 वोटों के साथ जीता फ्लोर टेस्ट

कांग्रेस, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया-मार्क्सिस्ट (CPI-M), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI), विदुथलाई चिरूथाइगल कत्ची (VCK) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने भी विधानसभा में तमिलगा वेट्री कड़गम (TVK) को समर्थन दिया है। इनके अतिरिक्त अम्मा मक्कल मुन्नेत्र कड़गम (AMMK) के निष्कासित विधायक कामराज ने भी TVK को अपना समर्थन दिया है।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 144 वोटों के साथ जीता फ्लोर टेस्ट

इस तरह मुख्यमंत्री विजय अपनी पहली परीक्षा में पास हो गए है।

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Highlights

  • AIADMK के 47 विधायकों में से 25 ने सी.वी. शनमुगम और एस.पी. वेलुमणि के नेतृत्व में TVK को समर्थन दिया।
  • DMK विधायकों ने उदयनिधि स्टालिन के नेतृत्व में फ्लोर टेस्ट के दौरान विधानसभा से वॉकआउट कर दिया।
  • भाजपा के एकमात्र विधायक एम. भोजराजन ने कहा की वो न्यूट्रल रहना चाहते है।

तमिलनाडु की राजनीति में आज का दिन काफी खास रहा। एक्टिंग से पॉलिटिक्स में आए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और उनकी पार्टी तमिलगा वेट्री कड़गम (TVK) ने बड़े अंतर से फ्लोर टेस्ट जीत लिया है। उनके पक्ष में कुल 144 विधायकों ने वोट किया, वहीं 22 लोगों ने उनके खिलाफ वोट किया है। 2026 के चुनावों में TVK ने बहुत शानदार प्रदर्शन किया और कुल 234 में से 108 सीटें जीती, लेकिन बहुमत के आंकड़े 118 से 10 सीट दूर रह गई थी। कांग्रेस, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया-मार्क्सिस्ट (CPI-M), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI), विदुथलाई चिरूथाइगल कत्ची (VCK) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने भी विधानसभा में TVK को समर्थन दिया है। इनके अतिरिक्त अम्मा मक्कल मुन्नेत्र कड़गम (AMMK) के निष्कासित विधायक कामराज ने भी TVK को अपना समर्थन दिया है।

बात करें द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) की, तो विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन के नेतृत्व में पार्टी विधायकों ने फ्लोर टेस्ट के दौरान विधानसभा से वॉकआउट कर दिया। इस दौरान उदयनिधि ने कहा, "राज्य के सभी लोगों ने TVK को वोट नहीं दिया है। कुल 4.93 करोड़ वोटों में से, केवल 1.72 करोड़ लोगों ने TVK को वोट दिया। बाकी 65% लोगों ने TVK के खिलाफ वोट दिया। जिन लोगों ने TVK को वोट दिया था, वे भी अब इस बात को समझ रहे हैं। केवल वही पार्टी सरकार बना सकती है जिसके पास 118 सीटों का बहुमत हो। TVK लीडर ने दो सीटों से चुनाव लड़ा था और अब उन्होंने एक सीट से इस्तीफा दे दिया है, वह भी लोगों से मिलकर उन्हें धन्यवाद दिए बिना।"

उन्होंने आगे कहा, "TVK के पास अब केवल 106 सदस्य हैं, क्योंकि अदालत ने एक विधायक को वोट डालने से रोक दिया है। TVK को DMK से जुड़ी पार्टियों का समर्थन मिला है। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए बाहर से समर्थन दिया है कि राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू न हो। आपने एक विधायक से उसकी पार्टी के नेतृत्व को सूचित किए बिना ही अपने पक्ष में वोट डलवा लिया। हम विधानसभा से वॉकआउट कर रहे हैं। हमारे वॉकआउट करने के बाद, आपको बहुमत मिल जाएगा। मैं आपसे अनुरोध करता हूँ कि हमारी सरकार द्वारा शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं का राजनीतिकरण न करें।"

इस फ्लोर टेस्ट में सबसे दिलचस्प बात रही, ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (AIADMK) पार्टी में फूट। जानकारी के मुताबिक, AIADMK के 47 विधायकों में से 25 ने सी.वी. शनमुगम और एस.पी. वेलुमणि के नेतृत्व में TVK को समर्थन दिया एवं 22 विधायकों ने विजय के खिलाफ वोट किया। वही भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एकमात्र विधायक एम. भोजराजन ने कहा कि वो न्यूट्रल रहना चाहते हैं। पट्टाली मक्कल कत्ची (PMK) के 4 विधायकों ने भी वोटिंग से एब्सटेन किया। इस तरह कहा जा सकता है कि मुख्यमंत्री विजय अपनी पहली परीक्षा में पास हो गए हैं। सबकी नजरें इसी बात पर होंगी कि क्या विजय पूरे 5 वर्षों तक मुख्यमंत्री बने रहेंगे या फिर कोई नया घटनाक्रम सामने आएगा।

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