नेपाल में बाढ़ का कहर, 165 की मौत, 1,000 से अधिक लोग लापता, भारत ने भेजी मानवीय सहायता

नेपाल पर्यटन बोर्ड (NTB) के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, प्रभावित इलाकों से कुल 579 यात्री (466 विदेशी और 113 नेपाली) लापता हैं। बाढ़ के तुरंत बाद से, प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह बचाव और राहत कार्यों के लिए उच्च-स्तरीय बैठकें कर रहे हैं, संबंधित विभागों को जरूरी निर्देश दे रहे हैं और लगातार जरूरी मदद पहुँचाना सुनिश्चित कर रहे हैं।

नेपाल में बाढ़ का कहर, 165 की मौत, 1,000 से अधिक लोग लापता, भारत ने भेजी मानवीय सहायता

ये बाढ़ नेपाल के लिए बेहद विनाशकारी साबित हुई है।

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Highlights

  • नेपाल की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के प्रवक्ता जगदीश खरेल ने सहायता के लिए भारत का आभार जताया।
  • प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने के लिए रवाना हो गए है।
  • जानकारी के अनुसार लापता हुए लोगों में 130 से अधिक भारतीय भी शामिल है।

जैसा कि सभी जानते हैं, नेपाल-तिब्बत सीमा के पास आई विनाशकारी बाढ़ ने नेपाल में भारी तबाही मचाई है। इस मुश्किल घड़ी में एक अच्छे पड़ोसी का फर्ज निभाते हुए, भारत ने राहत सामग्री भेजी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर इसकी जानकारी देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने लिखा, "भारत हमेशा नेपाल के साथ खड़ा है। भारत की ओर से 10 टन मानवीय सहायता राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्री श्री खड़क राज पौडेल को सौंपी। यह सहायता विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत कार्यों में मदद करेगी। भारत नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा है और हर संभव मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है।"

भारत की ओर से मदद भेजे जाने के बाद, नेपाल की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के प्रवक्ता जगदीश खरेल ने कहा, "भारत की तरफ से दिखाई गई चिंता और दयालुता के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। नेपाल और अपनी पार्टी RSP की ओर से, हम भारत के लोगों, भारत सरकार और प्रधानमंत्री मोदी का दिल से धन्यवाद करना चाहते हैं। भारत और पड़ोसी देशों से मिलने वाली मदद नेपाल के लिए बहुत अहम और जरूरी है, क्योंकि 2015 के भूकंप के समय भी यह बात साबित हो चुकी है। इसलिए, आपकी दयालुता, आपके सहयोग और आपकी इच्छा के लिए हम आपका दिल से धन्यवाद करते हैं।" नेपाल के नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) के मुताबिक, बाढ़ से प्रभावित इलाकों से अब तक 165 शव निकाले जा चुके हैं और पहचान करने का काम चल रहा है।

नेपाल पर्यटन बोर्ड (NTB) के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, प्रभावित इलाकों से कुल 579 यात्री (466 विदेशी और 113 नेपाली) लापता हैं। रिपोर्ट्स से पता चलता है कि लापता लोगों में 130 से ज्यादा भारतीय भी शामिल हैं। हालांकि, मरने वालों और लापता लोगों की संख्या बढ़ने की आशंका है। कुछ खबरों का कहना है कि लापता लोगों की संख्या 1,000 से ऊपर तक पहुँच गई है नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह आज सुबह 9:30 बजे सड़क मार्ग से बाढ़ प्रभावित इलाकों का मौके पर जाकर जायजा लेने के लिए बिदुर, नुवाकोट के लिए रवाना हुए हैं। प्रधानमंत्री के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट मिनिस्टर सुनील लमसाल भी जा रहे हैं। कल रसुवा में भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ से नदी के किनारे के इलाकों को नुकसान पहुँचा था, जिसके बाद से माननीय प्रधानमंत्री बचाव और राहत कार्यों को प्रभावी बनाने में लगातार सक्रिय हैं। 

बाढ़ के तुरंत बाद से ही वे बचाव और राहत कार्यों के लिए उच्च-स्तरीय बैठकें बुला रहे हैं, संबंधित विभागों को जरूरी निर्देश दे रहे हैं और लगातार जरूरी मदद पहुँचा रहे हैं। हालाँकि बाढ़ से कई जगहों पर नुकसान हुआ है, लेकिन समय की कमी के कारण प्रधानमंत्री आज मुख्य रूप से बिदुर और नुवाकोट के आस-पास के प्रभावित इलाकों का ही दौरा करेंगे। इस दौरे के दौरान, माननीय प्रधानमंत्री की टीम बाढ़ से हुए भौतिक नुकसान की प्रत्यक्ष जानकारी लेगी और स्थानीय प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों तथा जन-प्रतिनिधियों के साथ तत्काल राहत, पुनर्वास और बाधित इंफ्रास्ट्रक्चर को फिर से चालू करने के बारे में चर्चा करेगी।

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