महान गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की आयु में निधन, शिवाजी पार्क श्मशानभूमि में होगा अंतिम संस्कार

उन्हें "दिल चीज क्या है" और "मेरा कुछ सामान" जैसे गीतों के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। वहीं "दम मारो दम" और "पिया तू अब तो आ जा" जैसे सदबहार गानों के लिए बेस्ट प्लेबैक सिंगर (फीमेल) के खिताब से भी नवाजा जा चुका है।

महान गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की आयु में निधन, शिवाजी पार्क श्मशानभूमि में होगा अंतिम संस्कार

आशा भोसले ने 12 अप्रैल को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में ली अंतिम सांस।

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Highlights

  • आशा भोसले के पार्थिव शरीर को आज दोपहर 2 बजे तक उनके आवास में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है।
  • उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सचिन तेंडुलकर जैसी हस्तियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
  • आशा भोसले को पद्म विभूषण और दादासाहेब फाळके पुरस्कार जैसे खिताबों से भी सम्मानित किया जा चुका है।

भारतीय संगीत की दुनिया का एक चमकता सितारा हमेशा के लिए शांत हो चुका है। अपनी जादुई आवाज से आठ दशकों तक करोड़ों दिलों पर राज करने वाली महान गायिका आशा भोसले का निधन हो गया है। उन्होंने रविवार, 12 अप्रैल को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। रविवार दोपहर जैसे ही उनके निधन की खबर आई, पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। बॉलीवुड के सितारों से लेकर प्रधानमंत्री, हर कोई इस खबर से दुखी है।

आशा ताई अंतिम बार लेजेंड्री क्रिकेटर सचिन तेंडुलकर के बेटे अर्जुन तेंडुलकर के विवाह में नजर आईं थी। उनके निधन पर सचिन ने लिखा, "भारत के लिए और दुनिया भर के संगीत प्रेमियों के लिए, यह एक बेहद दुखद दिन है। हमारे लिए, आशा ताई परिवार का ही हिस्सा थीं। आज, हमें जो गहरा दुख महसूस हो रहा है, उसे बयां करने के लिए शब्द भी कम पड़ रहे हैं। एक पल के लिए तो दिल बिल्कुल खामोश हो जाता है और अगले ही पल, वह उन अनगिनत सुरों और धुनों में खो जाता है, जो उन्होंने हम सभी को तोहफ़े में दिए। ऐसा महसूस हो रहा है, मानो समय भी थम सा गया हो। फिर भी, अपने अमर गीतों के जरिए, वह हमेशा-हमेशा के लिए अमर रहेंगी।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा, "भारत की सबसे प्रतिष्ठित और बहुमुखी आवाजों में से एक, आशा भोसले जी के निधन से मैं बहुत दुखी हूँ। दशकों तक चली उनकी असाधारण संगीत यात्रा ने हमारी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया और दुनिया भर में अनगिनत दिलों को छुआ। चाहे उनकी दिल को छू लेने वाली धुनें हों या जोशीली रचनाएँ, उनकी आवाज में एक कालातीत चमक थी। उनके साथ हुई मुलाकातों को मैं हमेशा संजोकर रखूँगा। उनके परिवार, प्रशंसकों और संगीत प्रेमियों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ। वह आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी और उनके गीत हमेशा लोगों के जीवन में गूंजते रहेंगे।"

आशा ताई ने अपने पूरे करियर में 12,000 से अधिक गाने गाएं थे। "पिया तू अब तो आ जा", "दम मारो दम", "चुरा लिया है तुमने जो दिल को", "अभी ना जाओ छोड़कर", "आओ हुजूर तुमको", "उड़े जब-जब जुल्फें तेरी", "राधा कैसे न जले", "दिल चीज क्या है", "मेरा कुछ सामान" और "कभी तो नजर मिलाओ" जैसे कई अनगिनत गाने आज भी हर पीढ़ी की जुबान पर चढ़े हुए हैं। उन्हें "दिल चीज क्या है" और "मेरा कुछ सामान" जैसे गीतों के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। वहीं "दम मारो दम" और "पिया तू अब तो आ जा" जैसे एवरग्रीन गानों के लिए बेस्ट प्लेबैक सिंगर (फीमेल) के खिताब से भी नवाजा जा चुका है। आशा जी को दादासाहेब फाळके पुरस्कार, पद्म विभूषण, बंग विभूषण और महाराष्ट्र भूषण जैसे पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है।

आशा ताई के कुछ अन्य चर्चित गानों की बात करें, तो इनमें "झुमका गिरा रे", "ये मेरा दिल", "मांग के साथ तुम्हारा", "दुनिया में लोगों को", "इन आँखों की मस्ती के", "ओ मेरे सोना रे" जैसे फेमस गाने भी शामिल है। आज मुंबई के शिवाजी पार्क श्मशान भूमि में शाम 4 बजे पूरे शासकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। ये वही स्थान है, जहां उनकी बड़ी बहन और स्वर कोकिला लता मंगेशकर का भी अंतिम संस्कार किया था। उनके पार्थिव शरीर को आज सुबह 10.30 से 2 बजे तक मुंबई स्थित उनके आवास कासा ग्रांडे में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है, ताकि गणमान्य व्यक्ति और प्रशंसक उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दे सकें। 

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